पुलिस के मुताबिक नूर मोहम्मद की सरधना में ससुराल है। वहां पड़ोसी युवक नासिर पुत्र सिराजुद्दीन से साहिबा का प्रेम प्रसंग हो गया। परिजनों ने इसका विरोध किया, लेकिन वह नासिर से फोन पर बात करती रही। 23 मार्च 2018 को साहिबा घर से चली गई। दो दिन बाद नासिर के परिजनों ने दोनाें का निकाह करा दिया। वहीं नूरमोहम्मद ने इंचौली थाने में नासिर के खिलाफ पुत्री को बहला फुसलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज करा दिया। 4 अप्रैल को इंचौली पुलिस ने दोनों को सरधना से पकड़ लिया।
साहिबा के बयान के बाद कोर्ट ने साहिबा को नासिर के साथ रहने के आदेश दे दिए। इस फैसले से पिता नूर मोहम्मद नाखुश था। परिजनों की मानें तो ईद से दो दिन पहले नूर मोहम्मद बातचीत कर साहिबा को घर ले आया, लेकिन इसके बाद उसने उसको ससुराल नहीं भेजा। इस पर नासिर ने 15 जुलाई को इंचौली पुलिस से मिलकर साहिबा को उसके साथ भेजने की गुहार लगाई।
पुलिस ने थाने में दोनों पक्षों के बुलाया। जहां नासिर ने साहिबा की हत्या की आशंका जताई। पुलिस के सामने नूर मोहम्मद ने साहिबा को दो दिन बाद भेजने की बात कही, लेकिन मंगलवार रात उसकी हत्या कर दी। अगर पुलिस नासिर की बात को गंभीरता से लेती तो शायद साहिबा की जान बच जाती।
बेटी की हत्या करने के बाद थाने पहुंचा नूरमोहम्द हंसता रहा। उसने कहा कि उसे बेटी की हत्या करने का कोई पछतावा नहीं है। बताया कि पहले दुपट्टे से गला दबाया, उसने हाथ से दुपट्टे को पकड़ लिया, कुछ देर बाद दबाने पर वह बेहोश हो गई। कहीं जिंदा न बच जाए इसलिए उसने सरिये से साहिबा के सिर पर कई वार किए। जब पुलिस मौके पर पहुंची तो साहिबा का खून से लथपथ शव पड़ा था। पुलिस ने मौके से सरिया बरामद किया, जो सिर पर वार करने के दौरान मुड़ गया था। वहीं मां फैमिदा ने बताया कि वह बच्चों के साथ छत पर बने कमरे में सोई थी। सुबह जब नीचे आई तो देखा साहिबा का शव पड़ा था। वहीं पास में नूर मोहम्मद बैठा था।
एसओ इंचौली पंकज शर्मा के अनुसार निकाह से नाखुश पिता ने अपनी बेटी की हत्या की है। सुबह आरोपी खुद थाने पहुंचा और अपना गुनाह कुबूल किया। फैमिदा की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करा उसे गिरफ्तार कर लिया है।
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