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यूपी: योगी आदित्यनाथ की कान्हा उपवन गौशाला का किसान ने किया विरोध, भूमि पैमाइश की मांग पर अड़ा 

Tue, 08 Jan 2019 12:25 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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गाय - फोटो : अमर उजाला
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यूपी के मेरठ में बनाई जा रही योगी की कान्हा उपवन गौशाला का एक किसान ने विरोध किया है। उसने अपनी भूमि कम बताकर पैमाइश की मांग की। इस पर नगर निगम और तहसील की टीम से भूमि की पैमाइश कराई गई। हालांकि नगर निगम ने विवादित स्थल के अलावा अन्य स्थान पर निर्माण कार्य जारी रखा।

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कई सालों से फाइलों में कैद परतापुर के बराल में बनाई जाने वाली कान्हा उपवन योजना का हाल ही में सरकार ने संज्ञान लिया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने हर नगर निगम और नगर पालिका में कान्हा उपवन गौशाला संचालित करने का निर्णय लिया है।

नगर निगम ने छह माह पहले कुंडा में चरागाह की भूमि पर कान्हा उपवन योजना का प्रस्ताव तैयार किया था। लेकिन अब शासन के निर्देश पर यह परतापुर के बराल में तैयार की जा रही है। नगर निगम ने काम शुरू करा दिया है। लेकिन एक किसान का आरोप है कि उसकी भूमि कम है, पहले उसे पूरा कराया जाए। 

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लाइट, चारे की होगी व्यवस्था 
कान्हा उपवन गौशाला में पशुओं के पेयजल के लिए तालाब बनेगा। फाउंटेन भी लगाया जाएगा। गौशाला सोलर लाइटों से जगमगाहट होगी। 25 लाख रुपये से 50 किलोवॉट का सोलर प्लांट लगाया जाएगा। भूसा और चारे की व्यवस्था के लिए हॉल बनाए जाएंगे। पशुओं की संख्या के आधार पर धनराशि जारी की जाएगी। इस पर करीब 20 लाख रुपये खर्च करने का निर्णय लिया गया है। 

एक किसान ने की भूमि पैमाइश की मांग
भूमि की पैमाइश कराई गई है। फिलहाल कोई दिक्कत नहीं है। एक किसान अपनी भूमि की पैमाइश कराने की मांग कर रहा था। उसको भी संतुष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। -राजपाल यादव, एई नगर निगम। 

बचत भवन सभागार में सोमवार को गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना एवं चरागाह संचालन कार्य की समीक्षा करते हुए डीएम अनिल ढींगरा ने कहा कि अधिकारी सुनिश्चत करें कि जनपद में कोई भी बेसहारा गोवंश सर्वे से छूटने न पाएं। सर्वे में जहां गोवंश की संख्या कम मिली है, वहां दोबारा सर्वे कराया जाए। इस कार्य में लापरवाही न बरती जाए, क्योंकि स्वयं मुख्यमंत्री नियमित इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। 

डीएम ने कहा कि जो पशुपालक गोवंशों को आवारा छोड़े उसके विरुद्ध नोटिस जारी कर अर्थदंड वसूलें। उन्होंने बताया कि गोवंश आश्रय स्थलों की स्थापना का उद्देश्य आवारा व बेसहारा पशुओं को एक ही स्थान पर रखने और उनके चारा व देखभाल की व्यवस्था करना है।

बैठक में स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित गौशाला के प्रतिनिधियों ने डीएम से कहा कि यदि प्रशासन उनकी गौशालाओं में अतिरिक्त शेड व चारा आदि की व्यवस्था करा दे तो वह गौशालाओं में ऐसे बेसहारा गोवंशों को रख सकते हैं। बैठक में सीडीओ आर्यका अखौरी, सीएमओ डॉ. राजकुमार, एडीएम ई रामचंद्र, नगर मुकेश चंद्र, अपर नगर आयुक्त अमित सिंह, एसडीएम सदर निशा अनंत, मवाना अंकुर श्रीवास्तव, सरधना अमित भारतीय, पीडी भानू प्रताप सिंह आदि अफसर मौजूद रहे।
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नगर निगम में 809 बेसहारा गोवंश 
डीएम ने समीक्षा बैठक में पाया कि आवारा व बेसहारा गोवंश के लिए कराए गए सर्वे में सभी विकास खंडों में 4868, नगर निगम में 809 तथा नगर निकायों में 149 गोवंश मिले हैं। वहीं डीएम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिया कि वह सर्वे के दौरान मिले आवारा गोवंश की संख्या के अनुरूप गोवंश आश्रय स्थलों की मैपिंग कर स्थापना कराएं। जिन नगर निकायों में आवारा गोवंश की संख्या कम है, वहां स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा संचालित गोशालाओं में उनको संरक्षण दिलाकर उसके चारे आदि की व्यवस्था में सहयोग करें।

एक नजर में परियोजना
क्षेत्रफल    2.023 हेक्टेयर 
परियोजना की क्षमता    650 पशु,
परियोजना पर लागत    15 करोड़ 75 लाख

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