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यूपी: बेटी पैदा होने पर विवाहिता को इस हाल में छोड़ा, पुलिस से लगाई इंसाफ की गुहार

Wed, 19 Sep 2018 04:48 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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महिला और शिशु की देख रेख करती महिला कांसटेबल - फोटो : अमर उजाला
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एक तरफ जहां बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है, वहीं समाज में ऐसे लोगों की भी कमी नहीं है जो बेटी को बोझ समझते हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को यूपी के शामली में सामने आया,जहां बेटी पैदा होने पर ससुराल वालों ने महिला को अपने साथ ले जाने से इंकार कर दिया। पीड़ित महिला को साथ लेकर मायके वाले कोतवाली पहुंचे आरोपी ससुरालियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जानें पूरा मामला:-  

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मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली विवाहिता को प्रसव पीड़ा होने पर सोमवार को शामली सीएचसी में भर्ती कराया गया था। सोमवार रात महिला ने बेटी को जन्म दिया। पूर्व में भी महिला ने एक बेटी को जन्म दिया था। परिवार में दो बेटियां पैदा होने पर सास और पति ने महिला को ताने देने शुरू कर दिए। 

महिला ने खूब समझाया, लेकिन वह नहीं माने। वहीं, मंगलवार सुबह पति और सास ने महिला को ई रिक्शा में बैठाया और घर ले जाने की बात कहकर बुढ़ाना रोड स्थित रेलवे फाटक के निकट छोड़कर चले गए। इसके बाद विवाहिता की मां और अन्य मायके वाले भी वहां पहुंच गए। विवाहिता को अपने साथ लेकर शामली कोतवाली पहुंचे और ससुरालियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वहां महिला ने बताया कि उसके ससुराल वाले दो बेटियां पैदा होने पर उससे नफरत कर रहे हैं।
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महिला ने कहा कि इसमें मेरा क्या दोष है। महिला की पीड़ा सुनकर कोतवाली में मौजूद पुलिसकर्मी भी ससुरालियों को भला बुरा कहने लगे। वहीं,एक महिला कांस्टेबल को पीड़ित महिला की देखरेख में लगाया गया। पीड़िता के मायके वालों ने आरोपी ससुरालियों के खिलाफ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।

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