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UP: ग्रहों के शुभ संयोग में होलिका दहन आज, शाम 6:20 से रात 8:30 बजे तक रहेगा मुहूर्त, जान लें तरीका

Mon, 02 Mar 2026 12:06 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि दहन से पहले भद्रा के 12 नामों का स्मरण करना शुभ है। होलिका की अग्नि में सूखा नारियल, अक्षत, ताजे फूल, नीम के पत्ते और कपूर का अर्पण करें। 
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होलिका दहन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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होली का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। होलिका दहन प्रदोष काल में होता है। इस वर्ष होलिका दहन का मुहूर्त दो मार्च को शाम 06:20 बजे से रात 8:30 बजे तक है। ज्योतिषाचार्य विनोद त्यागी के अनुसार ग्रहों के शुभ संयोग में होलिका दहन किया जाएगा।
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इंडियन काउंसिल ऑफ एस्ट्रोलॉजिकल साइंस के सचिव आचार्य कौशल वत्स ने बताया कि दहन से पहले भद्रा के 12 नामों का स्मरण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। होलिका की अग्नि में सूखा नारियल, अक्षत, ताजे फूल, नीम के पत्ते और कपूर अर्पित करें। घी में भिगोए पान के पत्ते, बताशा, हल्दी और उपले भी चढ़ाए जाते हैं। चांदी या तांबे के कलश से जल और गुलाल अर्पित करना चाहिए। पानी वाला नारियल चढ़ाने से जन्म कुंडली में चंद्रमा की स्थिति खराब हो सकती है। होलिका पर्व पर हनुमान पूजन और होलिका की अग्नि में नया अन्न पकाना शामिल है। रात्रि में गीत गाना और नृत्य करना भी परंपरा का हिस्सा है।
 
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शरीर नापकर कच्चे सूत को अग्नि में छोड़ें
ज्योतिषाचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि होली पर तीन महत्वपूर्ण क्रियाएं अवश्य करनी चाहिए। पहली क्रिया में कच्चे सूत से शरीर नापकर उसे होलिका की अग्नि में छोड़ते हैं। दूसरी क्रिया में सरसों के तेल और आटे का उबटन लगाकर मैल को अग्नि में डालते हैं। तीसरी क्रिया में होलिकाग्नि की तीन बार परिक्रमा करनी होती है। इन क्रियाओं के प्रभाव से शरीर रोगों से बचा रहता है और स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।

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