बागपत में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया। नगर पंचायत छपरौली के चुनाव की रंजिश में हत्या का तानाबाना बुना गया। साजिशकर्ता चाचा-भतीजे संजीव खोखर और श्रवण खोखर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वारदात को अंजाम देने वाले तीनों आरोपी फरार हैं। वारदात के तार मुजफ्फरनगर से भी जुड़े हैं। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया है।
छपरौली के तिलवाड़ा मार्ग की चकरोड़ पर 11 अगस्त को सुबह साढ़े छह बजे भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष संजय खोखर की हत्या कर दी गई थी। एसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि साजिशकर्ता संजीव खोखर की भाभी सुशीला देवी नगर पंचायत छपरौली की साल 2006 से 2011 तक चेयरपर्सन रही हैं।
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इसके बाद कस्बे की राजनीति में संजय खोखर की मदद से उनके परिवार के संजीव कुमार चेयरमैन बन गए। इस बार भी सुशीला का परिवार चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। लेकिन संजय खोखर के कारण कस्बे की राजनीति में उनका वर्चस्व नहीं बन पा रहा था। इसके अलावा आरोपी संजीव खोखर का गांव में झगड़ा हो गया था, दूसरे पक्ष की पैरवी संजय खोखर ने की थी। इन्हीं रंजिशों के कारण 25 हजार के इनामी मुजफ्फरनगर के दुल्हैरा गांव निवासी सागर बालियान, छपरौली के इनामी सागर गोस्वामी और साहिल सलमानी ने संजय खोखर की हत्या करा दी। पुलिस ने साजिशकर्ता संजीव खोखर और उसके भतीजे को गिरफ्तार कर लिया है।
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