छह माह से हो रहा था संचालन
क्षेत्रवासियों की मानें तो पिछले करीब छह माह से फैक्ट्री का संचालन हो रहा था। मगर किसी को यह भनक नहीं थी कि यहां पटाखे बनाये जा रहे हैं। हर रोज बड़े-बड़े ड्रम गाड़ियों में लदकर यहां पहुंचते थे। फैक्ट्री के कर्मचारी छोटे दरवाजे से उन ड्रमों को अंदर पहुंचा देते थे। इसके बाद दरवाजे बंद हो जाते थे।
गनीमत रही आज छुट्टी पर थे कर्मी
अवैध पटाखा फैक्ट्री में हर रोज करीब 60 से 70 लोग काम करते थे। इनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या भी काफी अधिक थी। शनिवार होने के कारण फैक्ट्री में छुट्टी थी, जिस कारण कर्मचारी नहीं आए। जिस समय आग लगी, अगर उस समय फैक्ट्री में कर्मचारी मौजूद होते तो हादसा हो सकता था।
फैक्ट्री से अंजान बनी रही पुलिस
पिछले करीब छह माह से इस फैक्ट्री में काम चल रहा था। हर रोज 60-70 कर्मचारी यहां काम करने आते थे। बड़े-बड़े ड्रमों में सामान लाया जाता था। मगर पुलिस ने कभी यह जानने की कोशिश नहीं की कि फैक्ट्री में क्या काम हो रहा है। बड़ा सवाल यह है कि आबादी वाले क्षेत्र में इस फैक्ट्री का संचालन कैसे हो रहा था?
गोदाम न्यू इस्लामनगर के साजिद उर्फ भीम पुत्र नवाब का है, जिसे तारापुरी के फिरोज, आसिफ और नदीम ने किराये पर लिया हुआ था। यहां अवैध रूप से पटाखे बनाये जा रहे थे। शनिवार को फैक्ट्री रखे विस्फोटक में आग लग गई। फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
- रघुराज सिंह, प्रभारी निरीक्षक, थाना लिसाड़ीगेट
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