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धमाकों से दहल उठी अवैध पटाखा फैक्ट्री, मची भगदड़, कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू

Sat, 20 Oct 2018 09:48 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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आग बुझाते पुलिसकर्मी और मची भगदड़ - फोटो : अमर उजाला
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यूपी में मेरठ के लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र में चल रही एक अवैध पटाखा फैक्ट्री शनिवार को धमाकों से दहल उठी। एक के बाद एक हुए कई धमाकों से लोग दहशत में आ गये। देखते ही देखते पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पाकर दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने की मशक्कत में जुट गई। करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। गनीमत रही कि जिस समय फैक्ट्री में आग लगी, उस समय वहां कोई मौजूद नहीं था। वरना हादसा बड़ा हो सकता था। थाना प्रभारी निरीक्षक रघुराज सिंह का कहना है कि पटाखा फैक्ट्री पूरी तरह अवैध है। संचालकों के विरुद्ध मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। 

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घटना समर गार्डन स्थित 60 फुटा की है। जानकारी के मुताबिक शनिवार दोपहर तीन बजे क्षेत्र स्थित एक गोदाम में जोरदार धमाका हुआ। धमाके की आवाज से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकल आये। इससे पहले कि लोग कुछ समझ पाते, गोदाम से आग की लपटें उठने लगी। कुछ लोगों ने आग बुझाने का प्रयास शुरु किया। उसी दौरान एक के बाद एक कई धमाके हुए। जिससे वहां भगदड़ मच गयी। करीब आधा किलोमीटर दूर तक इन धमाकों की गूंज सुनने को मिली। सूचना पाकर समर गार्डन चौकी प्रभारी मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे और दमकल विभाग को सूचना दी। इसी बीच थाना प्रभारी निरीक्षक रघुराज सिंह भी वहां आ गये। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद दमकल विभाग की तीन गाड़ियां आग बुझाने में कामयाब हो सकीं। 

पुलिस की मौजूदगी में भी धमाके
आग बुझने के बाद पुलिसकर्मी जांच के लिए गोदाम के अंदर पहुंचे। इसी दौरान वहां रखे गंधक और पोटाश में एक बार फिर आग लग गई और धमाका हो गया। पुलिसकर्मियों ने भागकर अपनी जान बचायी। इस दौरान कई पुलिसकर्मी चोटिल भी हो गए।

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छह माह से हो रहा था संचालन
क्षेत्रवासियों की मानें तो पिछले करीब छह माह से फैक्ट्री का संचालन हो रहा था। मगर किसी को यह भनक नहीं थी कि यहां पटाखे बनाये जा रहे हैं। हर रोज बड़े-बड़े ड्रम गाड़ियों में लदकर यहां पहुंचते थे। फैक्ट्री के कर्मचारी छोटे दरवाजे से उन ड्रमों को अंदर पहुंचा देते थे। इसके बाद दरवाजे बंद हो जाते थे। 

गनीमत रही आज छुट्टी पर थे कर्मी
अवैध पटाखा फैक्ट्री में हर रोज करीब 60 से 70 लोग काम करते थे। इनमें महिलाओं और बच्चों की संख्या भी काफी अधिक थी। शनिवार होने के कारण फैक्ट्री में छुट्टी थी, जिस कारण कर्मचारी नहीं आए। जिस समय आग लगी, अगर उस समय फैक्ट्री में कर्मचारी मौजूद होते तो हादसा हो सकता था। 

फैक्ट्री से अंजान बनी रही पुलिस
पिछले करीब छह माह से इस फैक्ट्री में काम चल रहा था। हर रोज 60-70 कर्मचारी यहां काम करने आते थे। बड़े-बड़े ड्रमों में सामान लाया जाता था। मगर पुलिस ने कभी यह जानने की कोशिश नहीं की कि फैक्ट्री में क्या काम हो रहा है। बड़ा सवाल यह है कि आबादी वाले क्षेत्र में इस फैक्ट्री का संचालन कैसे हो रहा था?

गोदाम न्यू इस्लामनगर के साजिद उर्फ भीम पुत्र नवाब का है, जिसे तारापुरी के फिरोज, आसिफ और नदीम ने किराये पर लिया हुआ था। यहां अवैध रूप से पटाखे बनाये जा रहे थे। शनिवार को फैक्ट्री रखे विस्फोटक में आग लग गई। फैक्ट्री संचालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। - रघुराज सिंह, प्रभारी निरीक्षक, थाना लिसाड़ीगेट

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