प्रभारी निरीक्षक जनकपुरी ने बताया कि महिला की तीन साल की बेटी है और उसने बेटे की चाहत में बच्चा चुराया था। सीएमएस डॉ. अनिता जोशी ने बताया कि 16 कैमरे अकेले महिला अस्पताल में वार्डों और गैलरी में लगाए गए हैं। 24 घंटे अनाउसमेंट कर तीमारदारों को सतर्क किया जाता है। इसके बावजूद घटनाएं होने का मतलब है कि किसी स्तर पर लापरवाही है।
अस्पताल में पहले भी हो चुकीं ऐसी घटनाएं
जिला महिला अस्पताल में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को अलर्ट रहने का अनाउसमेंट लगातार होता है। इसके बावजूद बच्चा चोर सक्रिय हैं। मार्च 2015 में महिला जिला अस्पताल में नर्स पर बच्चा बदलने का आरोप लगाया गया था। सितंबर 2017 में महिला की गोद से बच्चा छीनने का मामला सामने आया था। जनवरी 2018 में बच्चा बदलने का मामला सामने आया था। जून 2018 में अस्पताल से बच्चा चोरी हुआ था।
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