कमिश्नरी चौराहे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपा अधिवक्ता सभा के नेताओं ने बृहस्पतिवार को पोस्टर जला दिया। वीडियो वायरल होने के बाद एसपी सिटी के निर्देश पर सिविल लाइन थाने में अधिवक्ता अनिल वर्मा और 12 अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तारी के लिए पुलिस की चार टीमें गठित करना बताया, जोकि दबिश दे रही हैं।
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ साजिशन होर्डिंग लगाने के विरोध में जगह-जगह सपा नेता और उनके कार्यकर्ताओं का हंगामा चल रहा है। सपा विधायक अतुल प्रधान, जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक सहित कई सपा नेताओं ने खुद ही होर्डिंग उतारे थे। सपा विधायक ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने ये विवादित होर्डिंग लगाए हैं।
इस प्रकरण को लेकर बृहस्पतिवार को सपा अधिवक्ता सभा के 20-25 अधिवक्ता कमिश्नरी के सामने एकत्र हुए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पोस्टर जलाते हुए नारेबाजी करनी की। इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसे लेकर इंटेलीजेंस ने भी अपनी रिपोर्ट पुलिस अधिकारियों को सौंपी।
एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने सिविल लाइन पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। जिसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। एसपी सिटी ने बताया कि चार टीमों का गठन किया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। वीडियो के माध्यम से अज्ञात लोगों की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। ताकि सबकी पहचान होने के बाद जो-जो पोस्टर जलाने में शामिल थे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
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