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UP: मेरठ के साइबर क्राइम थाना प्रभारी नेत्रपाल और उनकी पत्नी पर 11.26 लाख गबन का केस, जानें पूरा मामला...

सार

नेत्रपाल और उनकी पत्नी पर किटी के नाम पर ठगी करने का आरोप है। शिकायतकर्ता शिवांगी का कहना है कि आरोपी दंपती ने 2021 में किटी जॉइन कराई थी।   
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साइबर क्राइम थाना प्रभारी नेत्रपाल सिंह और उनकी पत्नी अनीता उर्फ नीतू के खिलाफ एक महिला ने गाजियाबाद के कविनगर थाने में 11.26 लाख रुपये हड़पने का केस दर्ज कराया है। तीन वर्ष पुराने मामले में राज्य महिला आयोग के आदेश पर यह कार्रवाई हुई है। आरोप है कि करीब 150 लोगों से धोखाधड़ी कर इंस्पेक्टर और उनकी पत्नी ने काफी संपत्ति अर्जित की है।
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कविनगर थाने के चिरंजीवी विहार निवासी शिवांगी अग्रवाल ने राज्य महिला आयोग को भेजे शिकायती पत्र में बताया था कि गाजियाबाद के बृजवासी होम दुर्गा एनक्लेव निवासी अनीता उर्फ नीतू के पति नेत्रपाल सिंह पुलिस महकमे में इंस्पेक्टर हैं। फिलहाल नेत्रपाल सिंह मेरठ के साइबर क्राइम थाने के प्रभारी हैं। पति-पत्नी भूमि किटी पार्टीज गोविंदपुरम गाजियाबाद का संचालन करते हैं। इसमें प्रत्येक व्यक्ति से एक हजार रुपये प्रतिमाह 15 माह के लिए जमा कर 16 माह में ब्याज सहित भुगतान का दावा करते हैं। आरोपी दंपती ने काफी लोगों को अपने साथ जोड़ा हुआ है।
 

शिवांगी के मुताबिक आरोपी दंपती ने उन्हें भी विश्वास में लेकर किटी पार्टी अगस्त 2021 में जॉइन करा दी। इसके बाद शिवांगी ने अपने रिश्तेदारों व अन्य लोगों को भी किटी पार्टी में शामिल करा दिया। दंपती उनके और रिश्तेदारों के घर आकर प्रत्येक माह की किस्त ले जाते रहे। शिवांगी और उनके रिश्तेदारों ने 11.26 लाख रुपये करीब तीन वर्ष पूर्व इनके पास जमा करा दिए थे। आरोप है कि भुगतान करने के लिए कई बार कहने पर भी दंपती ने रुपये नहीं लौटाए।
 
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आरोप है कि दंपती विरोध करने पर पीड़ितों को धमकी देते हैं कि हम पुलिस में हैं, तुम हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकते। झूठे मुकदमे लगवाकर पूरी जिंदगी जेल में सड़वा देंगे। तीन वर्ष पूर्व नेत्रपाल सिंह शामली जनपद में तैनात थे। कई बार स्थानीय थाने में व महकमे के उच्चाधिकारियों को शिकायती पत्र देने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। राज्य महिला आयोग के आदेश पर अब कविनगर थाना पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं नेत्रपाल सिंह का कहना है कि आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं। जांच में सच सामने आ जाएगा।
एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि इंस्पेक्टर और उनकी पत्नी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी गाजियाबाद पुलिस की ओर से अभी तक नहीं दी गई है।

 
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