Meerut News: केंद्र के बाद प्रदेश सरकार ने भी हस्तिनापुर को विकसित करने की घोषणा बजट में की है। अगर घोषणा साकार हुई तो पांडव नगरी में पर्यटन चमक उठेगा। सुविधाएं मिलीं तो ऐतिहासिक स्थल सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बन जाएगा।
केंद्र के बाद प्रदेश सरकार ने भी हस्तिनापुर को विकसित करने के लिए कदम बढ़ाया है। हस्तिनापुर विकास योजना के लिए बजट की घोषणा कर पांडव नगरी को बड़ी सौगात दी गई है। अगर ये घोषणा साकार होती है, तो दशकों से विकास को तरस रहा हस्तिनापुर पर्यटन का केंद्र बन सकता है।
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प्रदेश सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को पेश किए गए बजट में पौराणिक और धार्मिक महत्व के स्थलों के विकास पर विशेष जोर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि हस्तिनापुर और सारनाथ को विकसित कर उनकी ऐतिहासिक व सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया जाएगा।
हस्तिनापुर महाभारत कालीन नगरी के रूप में देशभर में प्रसिद्ध है। यहां के जैन, हिंदू और बौद्ध धार्मिक स्थलों की अपनी अलग पहचान है, लेकिन लंबे समय से सुनियोजित विकास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। प्रदेश सरकार की घोषणा के बाद अब स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में नई उम्मीद जगी है कि हस्तिनापुर को पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान मिलेगा।
इससे पूर्व 1 फरवरी 2026 को केंद्र सरकार ने भी अपने बजट में हस्तिनापुर को देश के पांच प्रमुख स्थलों में शामिल करते हुए विकसित करने और पर्यटन सुविधाओं को सुदृढ़ करने की घोषणा की थी। केंद्र और प्रदेश सरकारों की पहल से अब विकास कार्यों में तेजी आने की संभावना है।
प्रदेश सरकार ने मेरठ, मथुरा और कानपुर के लिए भी 750 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हस्तिनापुर में सड़क, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं का विस्तार संभव होगा। बुनियादी ढांचे के विकास से रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। होटल, गाइड सेवा, परिवहन और हस्तशिल्प उद्योग को सीधा लाभ मिलेगा।