चौ.चरण सिंह विवि कैंपस और संबद्ध कॉलेजों में बीपीएड की सीटों पर प्रवेश के लिए फिटनेस टेस्ट 20 अगस्त से 24 अगस्त के बीच कैंपस के खेल मैदान पर सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक हुए थे। इसमें जिलेवार छात्र-छात्राओं को बुलाया गया था। छात्र-छात्राओं को फिटनेस टेस्ट पास करना जरूरी था।
इसको लेकर डॉ. डीडी यादव, डॉ. देवेंद्र प्रकाश और प्रो. जितेंद्र बालियान को प्रभारी बनाया गया था। इन्हीं की देखरेख में फिटनेस टेस्ट कराए गए। 21 अगस्त को हुए फिटनेस टेस्ट का एक वीडियो वायरल होने से पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। इसमें एक छात्र पहली ही बाधा पर अटक गया है। फाउल होने के बाद भी उसे शिक्षकों ने बाहर नहीं किया। जैसे-तैसे उसको पूरा फिटनेस टेस्ट पास करा दिया गया। इसका रिजल्ट दो-तीन में जारी किया जाना वाला है।
खुद की फिटनेस ठीक नहीं तो क्या करेंगे
विश्वविद्यालय के एबीवीपी अध्यक्ष राकुल विकल का कहना है कि कॉलेजों में ऐसे छात्रों को बीपीएड में एडमिशन देने का क्या फायदा है जिनकी खुद की फिटनेट ठीक नहीं है। आगे चलकर ये अगर किसी कॉलेज में शिक्षक या कोच बन गए तो बच्चों को क्या पढ़ाएंगे। छात्रों का कहना है कि यूनिवर्सिटी के प्रोफेसरों के सामने ये सारा फर्जीवाड़ा हुआ और वे चुप्पी साधे रहे। छात्रों का कहना है कि इस वीडियो में वहां खड़ा एक युवक गाली भी दे रहा है। छात्रों का आरोप है कि कॉलेजों में बड़ी संख्या में ऐसे छात्रों को प्रवेश दिया जाने वाला है जिनकी फिटनेस ठीक नहीं है।
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