यूपी बोर्ड 2020 की परीक्षाओं को नकलविहीन कराने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में पंजीकरण कराने वाले 86280 परीक्षार्थियों (इंटरमीडिएट 43274 और हाईस्कूल 43006) की ऑनलाइन ‘कुंडली’ बनाई जाएगी। दरअसल परीक्षा के दौरान केंद्र प्रभारियों को रोजाना परीक्षार्थियों का डाटा ऑनलाइन बोर्ड को भेजना होगा।
हालांकि अभी ऐसे परीक्षार्थियों की छटनी होनी है, जिन्होंने गलत सूचना दी है या जिनके फार्म किसी कारण से अधूरे हैं। 22 अक्तूबर के बाद यह छटनी की जाएगी। वहीं, बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर जिले में इस बार 100 से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जाने की उम्मीद है। पिछली बार 90 केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के दौरान सभी केंद्र प्रभारियों का डाटा ऑनलाइन रखना होगा। उन्हें यह डाटा रोज माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर भेजना होगा। रोज किस परीक्षा केंद्र में कितने परीक्षार्थी शामिल हुए, कितने अनुपस्थित रहे, कितनी उत्तर पुस्तिकाओं का प्रयोग किया गया आदि सात बिंदुओं पर सूचना देनी होगी।
गैरहाजिर परीक्षार्थियों पर रहेगी खास नजर
जो परीक्षार्थी मुख्य परीक्षाओं में गैरहाजिर रहेंगे, उन पर भी खास नजर रहेगी। जो मुख्य परीक्षा देकर बाकियों में गैरहाजिर रहेगा। इस तरह केपरीक्षार्थियों को माना जाएगा कि उन्होंने नकल करने के मकसद से फार्म भरा होगा। किसी प्रकार की गड़बड़ी पर बोर्ड उनके प्रमाण पत्रों का सत्यापन करा सकता है।
सभी केंद्र प्रभारी भेजेंगे डाटा
सभी केंद्र प्रभारियों को डाटा अपने लॉगइन पासवर्ड के जरिए भेजना होगा। नकलविहीन परीक्षा कराई जाएगी। नकल करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। - गिरजेश चौधरी, डीआईओएस
शिक्षकों को देना होगा आधार नंबर
बोर्ड परीक्षा के लिए जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी, उनके परिचय पत्रों का खाका तैयार किया जा रहा है। पूर्णकालिक शिक्षकों के अलावा सेवानिवृत्त शिक्षकों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। ड्यूटी करने वाले शिक्षकों को अपना नाम, विद्यालय का नाम, विषय, मोबाइल नंबर और आधार नंबर देना होगा। आधार नंबर से वेरिफिकेशन में मदद मिलेगी।