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UP: मेरठ में शुरू हुआ चीनी मांझे का खूनी खेल, लहराता हुआ आया और काट दी स्कूटी सवार की गर्दन; लगे 12 टांके

Tue, 20 Jan 2026 11:38 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: दिल्ली रोड स्थित नवीन मंडी में काम करने वाले मनोज गोयल गोदाम पर जा रहे थे, तभी चीनी मांझा आकर उनकी गर्दन में उलझ गया। मनीष लहूलुहान होकर वहीं गिर गए। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार किया गया।
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अस्पताल में भर्ती मनोज गोयल। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहर में प्रतिबंधित चीनी मांझे का खतरनाक खेल थमने का नाम नहीं ले रहा है। प्रशासन की तमाम सख्ती और दावों के बावजूद यह मौत की डोर राहगीरों के लिए काल साबित हो रही है। ताजा मामला टीपी नगर थाना क्षेत्र के दिल्ली रोड का है, जहां मंगलवार शाम 48 वर्षीय स्कूटी सवार मनोज गोयल इसकी चपेट में आ गए। राहगीरों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां उनकी गर्दन पर 12 टांके आए हैं। यह घटना एक बार फिर शहर में इस जानलेवा मांझे की अवैध बिक्री और इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
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23 जनवरी को बसंत पंचमी है। इस दिन मेरठ समेत आसपास के जिलों में पतंग उड़ाने की परंपरा है। ऐसे में मेरठ में पतंगों के साथ-साथ चीनी मांझे की बिक्री जोरों पर है। चीनी मांझे की चपेट में पटेलपुरी कंकरखेड़ा निवासी मनोज गोयल (48) आ गए। मनोज गोयल नवीन मंडी में एक दुकान पर काम करते हैं। मंगलवार शाम वह अपनी स्कूटी से दिल्ली रोड होते हुए गोदाम की ओर जा रहे थे। जैसे ही वह जगदीश मंडप के पास पहुंचे, अचानक हवा में लहराता हुआ चीनी मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया। शाम का समय होने और हल्का अंधेरा छा जाने के कारण मनोज को मांझा दिखाई नहीं दिया। मांझे की धार इतनी तेज थी कि पलभर में ही उनकी गर्दन पर गहरा घाव हो गया और खून बहने लगा। दर्द से कराहते हुए मनोज स्कूटी से गिर पड़े। मौके पर मौजूद राहगीरों और स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने बताया कि घाव काफी गहरा था और नस कटने से वह बाल-बाल बचे। मनोज को 12 टांके लगाने पड़े हैं।
 

पिछले एक साल में चीनी मांझे से हुए हादसे
6 जनवरी 2025: पीवीएस रोड के पास 21 वर्षीय सुहेल की चाइनीज मांझे से गला कटने के कारण मौके पर ही मौत हो गई। उसके पीछे बैठे दोस्त नवाजिश की भी नाक कट गई थी। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया था, लेकिन अफसोस कि हालात नहीं बदले।

जनवरी 2025: दो साल की मासूम बच्ची इशरा, जो अपने पिता अब्दुल वाहिद के साथ जा रही थी, मांझे की चपेट में आ गई। उसे बचाने के लिए डॉक्टरों को 35-36 टांके लगाने पड़े थे। इसी महीने एक अन्य घटना में होमगार्ड आशिक अली का चेहरा भी मांझे से बुरी तरह कट गया था।

17 फरवरी 2025: शास्त्रीनगर में साजिद (32) चीनी मांझे से घायल हो गए थे। उनकी गर्दन, कान और उंगली कट गई थी, जिसके लिए उन्हें 16 टांके लगाने पड़े थे।

मार्च 2025: जाकिर कॉलोनी में हापुड़ रोड पर बाइक पर जाते समय युनूस की गर्दन पर चीनी मांझे से गंभीर घाव हुआ था। उन्हें 35 टांके आए थे।

18 दिसंबर 2025: सदर बाजार में बालाजी मंदिर के पास बाइक सवार तनुज की गर्दन और चेहरे पर चीनी मांझा लिपट गया था। उन्होंने हाईनेक जैकेट पहनी थी, जिस वजह से उनकी गर्दन बच गई, लेकिन उनका होंठ और चेहरा बुरी तरह कट गया था। इसके लिए उन्हें 17 टांके लगाने पड़े थे।
 

पक्षियों की भी ले रहा जान
इंसानों के साथ-साथ बेजुबान पक्षी भी इस जानलेवा मांझे का शिकार हो रहे हैं। जनवरी 2026 के दूसरे हफ्ते में ही नौचंदी थाना क्षेत्र में एक चील की मांझे में फंसकर तड़प-तड़प कर मौत हो गई। कई अन्य पक्षियों के घायल होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं जो इस समस्या की भयावहता को और बढ़ाती हैं।
 

पुलिस बोली- तहरीर आने पर होगी कार्रवाई
इतनी गंभीर घटनाओं के बावजूद पुलिस का रवैया वही पुराना नजर आ रहा है। ताजा मामले में सीओ ब्रह्मपुरी ने कहा कि फिलहाल मामले को लेकर कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर आने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
 
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पांच साल की हो सकती है जेल
चीनी मांझे को बचना या इस्तेमाल करना कानूनन अपराध है। एनजीटी के आदेशानुसार मेरठ समेत पूरे यूपी में इस पर पूर्ण प्रतिबंध है। दोषी पाए जाने पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत 5 साल की जेल और एक लाख तक का जुर्माना हो सकता है। जनवरी 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी सरकार को फटकार लगाते हुए सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। मांझे से किसी के घायल होने पर बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज होगा।

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