जिला कारागार से पेशी पर कचहरी परिसर में लाए गए बंदियों की हवालात परिसर में एक सिपाही ने डंडे से पिटाई की। अधिवक्ताओं ने इसकी शिकायत एसएसपी से की। मामले की जांच के बाद आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया गया है, जबकि ड्यूटी पर मौजूद आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच बैठा दी गई है।
जिला कारागार से गंगोह निवासी गोहत्या के एक आरोपी को अन्य बंदियों के साथ पेशी पर न्यायालय में लाया गया था। जिसे अन्य बंदियों के साथ कचहरी परिसर स्थित हवालात में रखा गया। आरोप है कि बंदियों को लेकर आए पुलिस लाइन में तैनात सिपाही नीरज को लोगों ने बताया कि दबिश के दौरान गोहत्या के आरोपी ने पुलिस पर पथराव किया था। इस बात को लेकर नीरज तैश में आ गया।
नीरज ने आरोपी को हवालात परिसर में डंडे से पीट दिया। आरोप है कि उसे बचाने के लिए दो अन्य बंदियों ने प्रयास किया, तो आरोपी सिपाही ने उन्हें भी डंडे से पीटा। गोहत्या के आरोपी के अधिवक्ता ने इस मामले में अन्य अधिवक्ताओं को जानकारी दी। जिस पर अधिवक्ताओं ने इसकी शिकायत एसएसपी दिनेश कुमार से की। एसएसपी ने एसपी सिटी विनीत भटनागर को मामले की जांच सौंपी। पूरा मामला हवालात परिसर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गया था।
जिसके आधार पर एसपी सिटी ने रिपोर्ट एसएसपी को सौंप दी। एसएसपी दिनेश कुमार ने आरोपी सिपाही नीरज निवासी दोघट जिला बागपत को निलंबित कर दिया, साथ ही मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों की जांच के आदेश दिए। एसपी सिटी विनीत भटनागर ने बताया कि नीरज के अलावा आठ पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे। जिनके बारे में जांच की जा रही है। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने नीरज को क्यों नहीं रोका। किसी भी बंदी के साथ मारपीट करना गलत है।