जलालाबाद। आतंकवादी निरोधी दस्ते ने रविवार को मदरसा मिफ्ता उल उलूम से हिरासत में लिए गए संदिग्ध दो कश्मीरी छात्रों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया। सोमवार को एटीएस की टीम उन्हें लेकर मदरसे में पहुंची और काजी के सुपुर्द कर दिया। छात्रों ने हिरासत में लिए जाने और पूछताछ के दौरान एटीएस के व्यवहार और तौर तरीकों की तरीफ की है। साथ ही स्वयं के भारतीय नागरिक होने पर गर्व होने की बात कही। एटीएस ने इनसे शान नाम के एक युवक के संबंध में पूछताछ की, जिसकी तलाश एटीएस को है।
जलालाबाद के मदरसा मिफ्ता उल उलूम के दो कश्मीरी छात्रों अब्दुल रहमान और आदिल हुसैन को रविवार को हिरासत में लिया था। पूरी कार्रवाई मदरसे के मोहतमिम मौलाना हफीउल्ला खां को विश्वास में लेकर की गई थी। रविवार को पूरा दिन युवकों की गिरफ्तारी को लेकर कस्बे में तरह-तरह की चर्चाएं चलती रही। एटीएस द्वारा छोड़े गए छात्र अब्दुल रहमान ने बताया कि एटीएस टीम उन्हें देवबंद के निकट तल्हेडी के पास किसी गोपनीय स्थान पर ले गई। जहां एटीएस के अधिकारियों ने पूछताछ की। इस दौरान एटीएस ने शान नाम के युवक से संबंधों के बारे में पूछताछ की। उन्होंने बताया कि शान से उनकी मुलाकात एक क्रिकेट मैच के दौरान हुई थी। दूसरी मुलाकात में शान अब्दुल रहमान का मोबाइल नंबर लिया था। इसके बाद से शान से कोई संपर्क नहीं हुआ। टीम ने आदिल से भी शान और फैजान के बारे में पूछा। बाद में दोनों छात्रों का कोई संबंध नहीं मिलने पर उनको एटीएस ने छोड़ दिया।