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UP: 11 साल से जेल में बंद मेरठ के अशफाक को नहीं मिली जमानत, आईएसआई एजेंट को पनाह देने का है आरोपी

Sun, 12 Jul 2026 10:58 AM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: मेरठ निवासी मोहम्मद अशफाक अंसारी साल 2015 से जेल में बंद है। उस पर आरोप है कि कथित आईएसआई एजेंट को अपने घर में शरण दी। सेना की गोपनीय सूचना पाकिस्तान को भेजने में मदद की। 
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court - फोटो : X/fazenda_dom_pedro
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी (आईएसआई) के कथित एजेंट को शरण देने और भारतीय सेना एवं वायुसेना से जुड़ीं गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तान भेजने में मदद करने के आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में आरोपी की व्यक्तिगत स्वतंत्रता से अधिक महत्व देश की सुरक्षा का है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की एकल पीठ ने मेरठ निवासी मोहम्मद अशफाक अंसारी की जमानत अर्जी पर दिया। मोहम्मद अशफाक अंसारी पर आरोप है कि उसने एक पाकिस्तानी नागरिक और कथित आईएसआई एजेंट को करीब 20 महीने तक अपने घर में शरण दी। इस दौरान उसने उसे हिंदी, फोटोग्राफी और वीडियो एडिटिंग सीखने में मदद की। साथ ही भारतीय सेना और वायुसेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारी ईमेल के माध्यम से पाकिस्तान और बांग्लादेश में सक्रिय आईएसआई नेटवर्क तक पहुंचाने में सहयोग किया। जांच एजेंसियों को कथित एजेंट के पास से कई अत्यंत गोपनीय सैन्य दस्तावेज भी बरामद हुए थे।
 
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि वह साल 2015 से जेल में बंद है। अब तक 31 अभियोजन गवाहों में से एक का भी बयान दर्ज नहीं हो सका है। कोर्ट ने कहा कि 10 साल से अधिक समय तक विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में रहना गंभीर चिंता का विषय है। लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर आरोपों के कारण जमानत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि मामले की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई कर छह माह के भीतर ट्रायल पूरा किया जाए।

 
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