आयोजन को लेकर कॉलेज प्रशासन ने दी सफाई
कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. हिमांशु शर्मा ने स्पष्ट किया कि सम्मेलन में तुर्की की डॉक्टर अयनूर शाहीन को आमंत्रित किया गया था, लेकिन भारत-पाक तनाव को देखते हुए उनका आमंत्रण रद्द कर दिया गया।
कॉन्फ्रेंस में जर्मनी, जापान, सर्बिया व भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि मौजूद थे। उन्होंने कहा कि “किसी भी तुर्की प्रतिनिधि ने सम्मेलन में भाग नहीं लिया, आरोप आधारहीन हैं।”
हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाया और कॉलेज प्रशासन से बातचीत करवाई। कॉलेज की ओर से लिखित माफीनामा सौंपे जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ, हालांकि संगठनों ने चेतावनी दी कि भविष्य में ऐसा कोई मामला सामने आया तो आंदोलन और उग्र होगा।
कांफ्रेंस को कश्मीर से किया गया शिफ्ट
यह कॉन्फ्रेंस पहले 13–14 मई को पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में आयोजित होनी थी, लेकिन 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा कारणों से आयोजन स्थल को मेरठ शिफ्ट किया गया।