कोर्ट से पुलिस को चकमा देकर फरार हुए कुख्यात जावेद रटौल ने पुलिस सुरक्षा की पोल खोल कर रख दी है। हवालात से कैदियों को कोर्ट तक ले जाने के लिए पुलिस लापरवाही करती है। कैदियों को बिना हथकड़ी के कोर्ट में लाया जाता है। कुख्यात की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिपाहियों पर रहती है। माना जा रहा है कि जेल में ही जावेद ने फरार होने की साजिश रची। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पिछले एक माह में उससे मिलने के लिए जेल में कौन-कौन गया। कोर्ट के मुख्य गेट पर पुलिस चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति करती है। कचहरी चौकी पर तैनात पुलिस कर्मी पेड़ों के नीचे आराम करते नजर आते हैं। इसका फायदा उठाकर संदिग्ध लोग आसानी से प्रतिबंधित सामान लेकर अंदर पहुंच जाते हैं।
पहले भी फरार हुए बंदी, कब जागेगी पुलिस
कोर्ट से कैदी भागने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई बार कोर्ट से कैदी फरार हो चुके हैं, लेकिन पुलिस सबक नहीं ले रही है। कैदी आधा-आधा घंटे तक कोर्ट में खड़े होकर परिचितों से बात करते हैं। यह सब कुछ पुलिस के संरक्षण में होता है। पुलिस अफसर सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने रहते हैं। चर्चित अपराधी भूरा भी बागपत से ही फरार हुआ था।
कुख्यात जावेद रटौल का आपराधिक इतिहास
50 हजार का इनामी रह चुके जावेद रटौल पर खेकड़ा थाने में लूट, हत्या, रंगदारी, जानलेवा हमले के नौ मुकदमे दर्ज हैं। चांदीनगर थाने में हत्या का एक मुकदमा दर्ज है। मेरठ के जानी थाने में लूट, डकैती, 25 आर्म एक्ट के तीन मुकदमे दर्ज हैं। बिजनौर में लूट का एक मुकदमा दर्ज है। हापुड़ में जानलेवा हमले के एक मुकदमा दर्ज है। उसका पिता आकिल भी हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/