बंपर कर्ज हुआ माफ
साल 2012 में सपा की प्रदेश सरकार ने किसानों का 23 करोड़ रुपया माफ किया था। कांग्रेस सरकार में भी साल 2009 में जिले के किसानों का कर्ज माफ किया गया था। दोनों सरकारों में मिलकर भी मुख्यमंत्री फसल ऋण मोचन योजना में माफ हुए कर्ज से बहुत कम कर्ज माफ हुआ था।
ये हैं ऋण माफी की पात्रता की प्रमुख शर्तें
सामान्य किसानों के लिए
-किसान का ऋण 31 मार्च 2016 से पहले लिया गया हो।
-किसान पर दो हेक्टेयर/25 बीघा से ज्यादा जमीन न हो।
-किसान ने एक फसल व एक ही जमीन पर दो बैंकों से ऋण न लिया हो।
-खेती के लिए स्वयं सहायता समूह या स्वयं सहायता समूह द्वारा लिया ऋण माफ नहीं किया गया।
-अरबन कोऑपरेटिव बैंक व उत्तर प्रदेश सहकारी भूमि विकास बैंक से लिया गया ऋण माफ नहीं किया गया।
-चीनी मिल द्वारा किसानों को दिया गया ऋण माफ नहीं किया गया।
-किसान द्वारा ऋण राशि का दुरुपयोग करने पर ऋण माफ नहीं किया गया।
-फसल उत्पादन से अलग कार्य के लिए लिया गया ऋण माफ नहीं किया गया।
एनपीए खाते वाले किसानों के लिए
-किसान यूपी का निवासी हो और यूपी की बैंक शाखा से ही ऋण लिया हो।
-किसान लघु व सीमांत श्रेणी का होनी चाहिए।
-किसान का खाता आरबीआई द्वारा वर्गीकृत एनपीए श्रेणी में शामिल हो।
-खाते को 31 मार्च 2016 तक एनपीए घोषित किया जा चुका हो।
-25 प्रतिशत राशि किसान खुद खाते में जमा किया।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/