क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि मेरठ जिले में 12 और बागपत जिले में छह ईंट भट्ठे संचालित पाए गए। 30 जून के बाद केवल सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त भट्ठों का ही संचालन किया जा सकता है। इसके बावजूद कई भट्ठे नियमों की अनदेखी कर चलाए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि बिना स्वीकृति संचालन करने वाले भट्ठों से वायु प्रदूषण फैलने की आशंका रहती है। बंद कराए गए भट्ठा संचालकों के विरुद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
ये भट्ठे हैं शामिल
- एएलएम ब्रिक ग्रुप्स कैली, युसूफ ब्रिक फील्ड कैली, बालाजी ब्रिक फील्ड मुजफ्फरनगर, शैफाली ब्रिक फील्ड भगवानपुर चट्टावन, बालाजी ब्रिक फील्ड सिखेड़ा, चौहान ग्रामोद्योग संस्थान ख्वाजमपुर माजरा, गोदावरी ब्रिक फील्ड बाड़म, किसान ब्रिक फील्ड बाड़म, आर्यन अरनव ब्रिक फील्ड रसूलपुर, कुराली ब्रिक फील्ड कुराली, अरोड़ा ब्रिक फील्ड उखलीना, संजय ब्रिक फील्ड कालंद और बागपत में किसान ब्रिक फील्ड चन्दायन, ओम ब्रिक फील्ड चन्दायन, सिद्धार्थ ब्रिक इंडस्ट्रीज बालैनी बागपत, दयानंद ब्रिक फील्ड सूजरा रोड सरूरपुर कलां, महान ब्रिक फील्ड सूजरा रोड सरूरपुर कलां, धर्मेन्द्र ब्रिक फील्ड शाहपुर बड़ौली के भट्ठे शामिल हैं।
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