अनारक्षित गांव होंगे सबसे पहले ‘आरक्षित’
माछरा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के आरक्षण नियम में बदलाव के कारण सबसे पहले ऐसे गांव आरक्षित होंगे जो आज तक अनारक्षित रहे हैं।
माछरा ब्लॉक क्षेत्र में 42 ग्राम पंचायतें है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी हर स्तर पर जारी है लेकिन सबसे अधिक ध्यान इस बार आरक्षण प्रक्रिया पर दिया जा रहा है बदली नई व्यवस्था से सीटों पर उलटफेर तय है। माछरा ब्लॉक क्षेत्र के गांव जेई, नंगला शाहू, कायस्थ बड्ढा, सिंहपुर, राधना, किठौर देहात, नित्यानंदपुर, खंद्रावली आदि गांव आज तक प्रधान पद के लिए कभी आरक्षित नहीं हुए थे। एडीओ पंचायत विक्रांत त्यागी ने बताया कि ब्लॉक के सात गांव अनुसूचित जाति महिला, पुरुष के लिए आरक्षित होंगे, पिछडा वर्ग की महिला, पुरुष के लिए 11 गांव आरक्षित होंगे। सबसे पहले आरक्षण का नियम उन गांवों पर लागू किया जाएगा जो आज तक कभी भी आरक्षित नहीं हुए है। इससे इन गांव के संभावित सामान्य जाति के प्रधान पद के प्रत्याशियों में निराशा छा गई है। कुछ प्रत्याशियों का कहना है कि वह पिछले पांच वर्षों से चुनाव की तैयार कर रहे थे और पैसा भी खर्च किया। आरक्षण के नाम से ही जिला पंचायत से वार्ड 27, 28, 29, 30 के भी संभावित प्रत्याशी परेशान है कि कहीं उनका वार्ड आरक्षण की श्रेणी में न आ जाए।