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उन्नाव गैंग.. मंत्री को करीबी बताकर खेला करोड़ों का खेल

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मेरठ। रेलवे विभाग में ए-ग्रेड में नौकरी लगवाने के नाम पर उन्नाव के मिश्रा गैंग ने मेरठ के 150 लोगों से 7.75 करोड़ की ठगी की थी। ये आरोपी भाजपा के एक मंत्री को करीबी बताते थे। दौराला पुलिस ने आरोपियों से की गई पूछताछ की तो सामने आया कि मंत्री के नाम पर बेरोजगारों को झांसे में लेकर मेरठ ही नहीं बल्कि प्रदेश के दूसरे जिलों में भी करोड़ों रुपयों की धोखाधड़ी की जा चुकी है।
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पुलिस के अनुसार उन्नाव गैंग के खुलासे में कई चौंकाने वाली जानकारी सामने आईं। भावनपुर निवासी पीड़ित मनोज से रकम वसूलकर उन्नाव निवासी सतेंद्र और प्रदीप और उनके एक अन्य साथी को दी जाती थी। यह रकम उन्नाव के रहने वाले मिश्रा के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती थी। भरोसा जताने के लिए आरोपियों ने युवकों को फर्जी लेटर भी दे दिए थे। पुलिस की पूछताछ में तीनों आरोपियों ने बताया कि उन्नाव का मिश्रा गैंग ठगी करता है। गैंग में 20 से ज्यादा लोग काम करते हैं। मेरठ के अलावा दूसरे जनपदों में भी यह गैंग नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करता है। बेरोजगार लोगों को यह ग्रुप अपना टारगेट बनाता है। बताया जा रहा है कि भाजपा के एक विधायक से आरोपियों की सेटिंग है।
जमीन बेची, जान देने की कोशिश की
पुलिस के अनुसार पीड़ित मनोज ने अपनी 14 बीघा जमीन बेचकर 20 युवकों का पैसा वापस किया। मनोज आरोपियों पर केस कराने के लिये परेशान था। बाद में ज्यादा देनदारी होने पर उसने आत्महत्या करने की भी कोशिश की थी। एसएसपी के आदेश पर मनोज की तरफ से सतेंद्र और प्रदीप समेत कई युवकों पर मुकदमा लिखा गया। शुक्रवार को सीओ दौराला जितेंद्र कुमार की टीम उन्नाव में छापा मारकर प्रदीप, सतेंद्र और उनके एक साथी को पकड़कर दौराला थाने में ले आई। प्रदीप और सतेंद्र को नामजद किया गया है। तीसरे साथी से पूछताछ चल रही है।
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सरगना की तलाश जारी
7.75 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में उन्नाव निवासी युवकों को गिरफ्तार किया है। गैंग के सरगना मिश्रा की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि मिश्रा यूपी के अलावा अन्य राज्यों से भी ठगी कर चुका है। पुलिस मिश्रा को भी जल्द पकड़ेगी। -अजय साहनी, एसएसपी मेरठ
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