कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ का 47वां दिन
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के कैलाश पर्वत दिगंबर जैन मंदिर में विश्व की सुख-शांति-समृद्धि के लिए चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 47वें दिन विधानाचार्य सौरभ शास्त्री ने मांगलिक मंत्रों से क्रियाओं का शुभारंभ किया। स्वर्ण कलश से देवेंद्र जैन, ऋषभ जैन ने अभिषेक किया। शांतिधारा राजेश जैन, दीप का प्रज्वलन योगिता जैन, शिल्पी जैन, मंजू जैन ने किया। सुनीता दीदी ने शांतिधारा का उच्चारण किया।
आदिनाथ भगवान की पूजा और तीर्थंकरों को अर्घ्य चढ़ाने के बाद भक्तामर विधान का शुभारंभ हुआ। इसमें 48 अर्घ्य चढ़ाए गए और 133 परिवारों की ओर से विधान कराया गया।
गुरुवर भाव भूषण महाराज ने कहा कि हमने न जाने कितनी बार जन्म लिया और मरण को प्राप्त हुए परंतु स्वयं की जागृति नहीं हो सकी। हम अपनी अतृप्त आकांक्षाओं की तृप्ति के लिए इधर-उधर भागते रहते हैं फिर भी कुछ हाथ नहीं लगता। संसार में अच्छे कर्म ही हमें सद्गति दे सकते हैं।
प्रवचन में बताया कि भौतिक सुख-सुविधाओं की चाह मनुष्य को क्षणिक आनंद तो देती हैं लेकिन स्थायी शांति नहीं मिलती। जब तक व्यक्ति अपने भीतर झांककर आत्मा की पहचान नहीं करता, तब तक उसका जीवन अधूरा रहता है। संतों ने कहा कि संसार में अच्छे कर्म ही मनुष्य को सच्ची सद्गति प्रदान करते हैं और उसे जन्म-मरण के चक्र से मुक्ति की ओर ले जाते हैं।
विधान का विसर्जन अनुसा जैन, आरके जैन, पंच परमेष्ठी की आरती का दीप प्रज्वलन सुधीर जैन, सीमा जैन, आदिनाथ भगवान की आरती का दीप प्रज्वलन राकेश जैन और भगवान की आरती का दीप प्रज्वलन भावना, दीपक, कुसुमलता जैन ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए क्षेत्र के अध्यक्ष जीवेन्द्र जैन, महामंत्री मुकेश जैन, कोषाध्यक्ष राजेंद्र जैन, दीपक जैन, अतुल जैन, योगेशचंद जैन, मयंक जैन का विशेष सहयोग रहा।
भक्तांबर विधान पाठ में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु स्रोत संवाद