दिल्ली रोड पर मोहिउद्ीनपुर के पास शनिवार शाम बेलगाम रोडवेज बस ने ओवरटेक करते हुए बाइक सवार महिला की जान ले ली। इस दौरान महिला का बेटा टक्कर लगने के बाद सड़क किनारे जा गिरा। आसपास के लोगों ने बस का पीछा किया तो चालक और परिचालक बस छोड़कर भाग निकले।
पुलिस के अनुसार मुरादनगर के दादरी रोड निवासी रफीक की पत्नी शहनाज (50) अपने बेटे शहजाद के साथ शनिवार को लिसाड़ीगेट के श्यामनगर में एक रिश्तेदार की मौत पर शोक जताने आई थी। शाम करीब चार बजे शहनाज और शहजाद बाइक से मुरादनगर लौट रहे थे। जैसे ही बाइक मोहिउद्ीनपुर में खरखौदा मोड़ के पास पहुंची, तभी पीछे से आ रही एक रोडवेज बस दूसरी बस से आगे निकलने के लिए ओवरटेक कर रही थी। इस बीच तेज रफ्तार रोडवेज बस ने बाइक को चपेट में ले लिया।
बस की टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक चला रहा शहजाद घिसटते हुए सड़क किनारे जा गिरा। जबकि शहनाज बस के पहिये के नीचे आ गई। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि महिला का शव देखकर लोगों की चीख निकल गई। सूचना पर यूपी 100 पुलिस और परतापुर इंस्पेक्टर सुशील दूबे मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घायल शहजाद को अस्पताल भेज दिया। महिला की मौत का पता चलते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। पुलिस ने महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर परतापुर ने बताया कि बस मेरठ डिपो की थी, जो मेरठ से गाजियाबाद जा रही थी। बस चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है। परिजनों की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
आखिर इस मौत का जिम्मेदार कौन
मेरठ। शहनाज की मौत भले ही हादसे में दर्ज हुई हो। लेकिन इस मौत का जिम्मेदार कौन है, इसका जवाब पुलिस अफसरों के पास भी नहीं है। शहजाद अपने फूफा की मौत पर शोक जताकर अपनी मां को लेकर घर जा रहा था। उसे नहीं पता था कि घर पहुंचने से पहले उसकी मां इस तरह छोड़कर चली जाएगी। यह पहली घटना नहीं है कि जब रोडवेज बस ने किसी की जान ली हो। आसपास के लोगों का कहना है कि बाइक सवार युवक बचाता हुआ सड़क के किनारे तक पहुंच गया, लेकिन बस चालक दूसरी बस से आगे निकालने की होड़ में बस को अंधाधुंध दौड़ा रहा था। जिसने एक महिला की जान ले ली। यह एक महिला की मौत नहीं बल्कि व्यवस्था पर सवाल है। क्योंकि रोडवेज या अनुबंधित बस चालकों में इसी तरह हाईवे पर रफ्तार की होड़ लगी रहती है।