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डायग्नोस्टिक सेंटर पर छापा, अल्ट्रासाउंड मशीन सील

Fri, 02 Oct 2015 01:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
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शहर में स्वास्थ्य विभाग की शह पर नियमों के खिलाफ जाकर डाइग्नोस्टिक सेंटर संचालित होने का खुलासा हुआ है। बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार की टीम ने पीसीपीएनडीटी कमेटी के साथ शहर के पांच डाइग्नोस्टिक सेंटर पर छापा मारा। टीम ने दो अल्ट्रासाउंड मशीनों को सील कर दिया। जबकि तमाम कोशिशों के बावजूद अल्ट्रासाउंड सेंटर सील नहीं कर पाई।
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महिला कल्याण विभाग की एडिशनल डायरेक्टर मनीषा गुप्ता के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार व जिला पीसीपीएनडीटी कमेटी के सदस्यों को साथ लेकर बच्चा पार्क स्थित डॉ. सविता गर्ग, ईव्ज स्थित अमन क्लीनिक व प्रखर अल्ट्रासाउंड, बैंक कॉलोनी में होप मैट्रनिटी व गढ़ रोड पर हीरालाल डाइग्नोस्टिक सेंटर का निरीक्षण किया। टीम दोपहर करीब साढ़े बारह बजे से लेकर पौने आठ बजे तक निरीक्षण में लगी रही। इस दौरान सभी डाइग्नोस्टिक सेंटरों का विस्तार से रिकॉर्ड खंगाला गया। कुछ सेंटरों का रिकॉर्ड आगे की जांच के लिए टीम द्वारा कब्जे में ले लिया गया।

टीम ने डॉ. अंजू रस्तोगी के अमन क्लीनिक व हीरा डाइग्नोस्टिक सेंटर पर पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन को देखा तो फटकार लगाई।  टीम ने कहा कि जब अस्पताल और नर्सिंग होम के अलावा कहीं पर पोर्टेबल एक्सरे मशीन का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है तो फिर इन्हें परमिशन कैसे दी गई। जिस पर सहायक शोध अधिकारी वीके गुप्ता ने तर्क रखा कि सभी लोगों को नोटिस दिया गया है लेकिन अभी तक जवाब नहीं आया है। टीम ने वहीं पर फटकार लगाई कि क्या ऐसे में नोटिस देकर काम चल जाएगा, तत्काल इन्हें सीज किया जाए। इसके बाद तत्काल दोनों अल्ट्रासाउंड सेंटरों पर संचालित मशीनों को सीज कर दिया गया।
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उधर, डॉ. सविता गर्ग के अल्ट्रासाउंड सेंटर पर भी टीम को कुछ कागजात में हेराफेरी मिली। जिसके बाद टीम पूरे सेंटर को सील कराने पर अड़ गई। लेकिन ऐसे में कुछ लोगों ने विरोध कर दिया। इसके बाद टीम वहां से कुछ कागजात को अपने कब्जे में लेकर चली गई। इसके बाद प्रखर और अमन क्लीनिक पर संचालित अल्ट्रासाउंड पर भी टीम को गड़बड़ी नजर आई। यहां भी टीम ने कार्रवाई करनी चाही, लेकिन स्थानीय लोगों की भीड़ काफी ज्यादा थी। जिस कारण टीम वापस लौट गई।

स्वास्थ्य विभाग अवैध तरीके से करा रहा पंजीकरण
केंद्रीय टीम के निरीक्षण के बाद स्वास्थ्य विभाग में नियमों के विपरीत जाते हुए अवैध तरीके से डाइग्नोस्टिक सेंटरों को परमिशन दिये जाने का खुलासा हुआ है। क्योंकि शहर में ऐसे सेंटरों की भरमार है जो एक कमरे में संचालित हो रहे है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने उनका पंजीकरण पोर्टेबल मशीन के आधार पर कर दिया है। उधर, जांच करने वाली टीम में केंद्र की तरफ से एडिशनल डायरेक्टर के साथ मैथ्यूज जार्ज, राजेश शर्मा शामिल रहे। वहीं, पीसीपीएनटीडी के नोडल अधिकारी डॉ. अशोक निगम भी निरीक्षण में शामिल रहे।
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