फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तालाबों को कब्जामुक्त नहीं कराए जाने पर आत्मदाह की चेतावनी

विज्ञापन
विज्ञापन
खरखौदा। गांव फफूंडा निवासी युवती ने तालाबों पर अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन से शिकायत की थी। जिस पर अतिक्रमण करने वालों ने युवती की पिटाई कर दी थी। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित ने मुख्यमंत्री दरबार पहुंचकर आत्मदाह की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

गांव फफूंड़ा निवासी पूनम शर्मा ने करीब चार माह पहले गांव के लगभग एक दर्जन लोगों के खिलाफ तालाबों पर अतिक्रमण करने वालों की डीएम से शिकायत की थी। युवती ने आरोप लगाया कि इन लोगों ने एक तालाब का अस्तित्व ही समाप्त कर दिया तथा जबकि दूसरे तालाब पर भी कब्जा कर रहे हैं। जिसमें डीएम ने कई अधिकारियों को कार्रवाई के लिए भेजा था। युवती का आरोप था कि मामला राजनीति से जुड़ा है। जिन लोगों ने तालाबों पर कब्जा कर रखा है उनकी राजनीतिक पकड़ मजबूत है। जिस कारण अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। प्रदेश सरकार एवं हाईकोर्ट के आदेश पर गांव के सभी तालाबों की सफाई होनी थी तथा उन्हें कब्जामुक्त कराना था। गांव फफूंड़ा में एक तालाब का अस्तित्व ही मिट गया जबकि कई पर अतिक्रमण है। प्रशासन की ओर से इन्हें कब्जा मुक्त कराने की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की गई। उधर, अतिक्रमण करने वालों ने युवती को उसके घर में घुुसकर पीटा। इस मामले में पीड़ित युवती ने थाने में तहरीर दी। हालांकि कार्रवाई नहीं की गई। इस पर युवती ने डीएम को फिर से प्रार्थना पत्र सौंपकर तालाबों से अतिक्रमण नहीं हटाने पर आत्मदाह की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद प्रशासन ने संज्ञान नहीं लिया। इससे क्षुब्ध युवती शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में लखनऊ पहुंच गई। यहां प्रशासन के ढुलमुल रवैये की शिकायत के साथ मुख्यमंत्री से तालाबों को कब्जा मुक्त कराने तथा आरोपियों के खिलाफ मारपीट की कार्रवाई कराने की मांग की। वहीं, युवती ने मुख्यमंत्री को चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो 16 सितंबर 2019 को वह अपने घर में ही आत्मदाह कर लेगी। इस पर मुख्यमंत्री ने युवती को तुरंत कार्रवाई कराने का आश्वसन दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें