छठ महापर्व शुक्रवार को श्रद्धापूर्वक संपन्न हुआ। व्रतियों के घाटों पर पहुंचने का सिलसिला सुबह चार बजे के पहले ही शुरू हो गया था। रात भर घाटों पर चहल-पहल रही। गगोल तीर्थ घाट, गांधी आश्रम, पल्लवपुरम, गंगानगर आदि स्थानों पर घाटों पर व्रती महिलाएं एवं श्रद्धालुआें का सैलाब उमड़ पड़ा।
छठ महापर्व पर श्रृद्धालुओं एवं व्रतियों में उत्साह देखते ही बन रहा था। व्रती महिलाएं एवं श्रद्धालु बैंडबाजों के साथ घाट पर पहुंचे। पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। महिलाएं और पुरुष अपने सिर पर टोकरी और उसमें फल-फूल एवं पूजा का सामान लेकर बैंडबाजों के साथ घाटों पर पहुंचे। सूर्य को अर्घ्य देने से पहले महिलाओं ने लोकगीत गाते हुए पूजन किया। सभी व्रती महिलाएं सरोवर में सूर्य को अर्घ्य देेने के लिए पानी में खड़ी हो गयी। सूर्य के निकलते ही महिलाओं और पुरुषों ने अर्घ्य दिया। व्रती महिलाओं ने सूर्य को अर्घ्य देने के साथ मौसमी फल सेव, अनार, चीकू, गन्ना, सिंघाड़ा, कंद, हल्दी और अदरक, मूली समेत 36 प्रकार के फल एवं सब्जियों के साथ छठ पूजन किया।
लोकगीतों से गूंजे घाट
घाटों पर कलाकारों द्वारा लोकगीतों से माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। पल्लवपुरम में समिति के संरक्षक कार्तिकेय मैथिली ने बताया कि छठ हिंदुओं के बड़े पर्व में एक है। चार दिन तक पूरा वातावरण भक्तिमय रहा। उन्होंने व्रतियों और उनके परिवार वालों एवं श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों का आभार व्यक्त किया। व्रतियों में चांद देवी, सुनैना, ललिता, साधना, रुबी, कुमकुम, आरती, ज्योति, मंजू पिंडारुच, कोमल, रंजना डॉली, एकता, नेहा झा, डॉली, राखी झा, लक्ष्मी, बागरी ने जल में खडे़ होकर सूर्य देव की उपासना की। इस दौरान कालीचरण शर्मा, संजीव झा, एसएन झा, विजय मिश्रा, दिवाकर झा, गिरिजा नंद झा, विजय मिश्रा, अजय कर्ण, राज झा, भक्ति झा, चंदन झा, ललित चौधरी, प्रभाकर चौधरी, दीपक पारस, अभिषेक झा आदि मौजूद रहे।
उधर, पल्लवपुरम फेज दो टंकी पर 20वां छठ महोत्सव कार्यक्रम शुक्रवार की सुबह श्रद्धापूर्वक मनाया गया। रंग बिरंगी रोशनी के बीच महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान अध्यक्ष भोगेंद्र झा ने कहा कि छठ पर्व की लोकप्रियता हर साल बढ़ती जा रही है। इस दौरान अशोक मिश्रा, अवधेश मिश्रा, विदेश प्रसाद, संजय सिंह, लल्लन झा, रामानंद यादव, कुलदीप यादव, पीएस झा, अमरेंद्र श्रीवास्तव, नरेंद्र उपाध्याय, आदि का सहयोग रहा।