बारिश से पहले पूरे शहर के छोटे-बड़े नालों की सफाई का दावा करने वाले नगर निगम की पोल लगातार खुल रही है। शहर की बड़ी आबादी वाले क्षेत्र सुभाषनगर का नाला पूरी तरह चोक पड़ा है। हल्की सी बारिश में ही नाले का पानी पूरे इलाके में भर जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि कई बार शिकायत के बाद भी नगर निगम के अधिकारी नाले की सफाई नहीं करा रहे हैं।
बारिश से पहले नगर निगम ने नालों की सफाई के लिए लाखों रुपये का बजट बनाकर सफाई करानी शुरू की थी। नगर आयुक्त का दावा था कि नालों की तलीझाड़ सफाई कराई जा रही है। इसके चलते बारिश में नाले उफनकर सड़क पर नहीं बहेंगे, लेकिन तमाम दावे हवा हवाई साबित हो रहे हैं। जुलाई-अगस्त में हुई बारिश ने निगम की नाला सफाई की पोल खोलकर रख दी है। शुक्रवार को अमर उजाला ने सुभाषनगर से गुजर रहे नाले का हाल जाना तो यहां के लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यहां रहने वाले जगपाल शर्मा और विभोर यादव ने बताया कि नाला सिल्ट से अटा पड़ा है। हल्की बारिश में ही नाला उफनकर सड़क पर बहने लगता है। जुलाई में हुई बारिश में नाले का पानी घरों और दुकानों में घुस गया था। कई दिन तक पानी भरा होने पर यहां के लोग बीमार पड़ गए। निगम से नाले की सफाई कराने की मांग की गई, लेकिन शिकायत का समाधान आज तक नहीं हुआ। हल्की बारिश से भी लोगों को डर लगने लगा है कि कहीं नाले का पानी फिर से घरों में न घुस जाए। निगम की उदासीनता से यहां के लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यदि नाला साफ नहीं हुआ तो मोहल्ले वाले नगर निगम ऑफिस पर प्रदर्शन करेंगे।