चौधरी चरण सिंह विवि में फायरिंग के बाद मौजूद वििव में तैनात होमगार्ड
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मेरठ के चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में दो कुख्यातों ने पहले सरेआम दो छात्रों को पीटा और फिर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर दहशत फैला दी। सूचना के बावजूद भी मेडिकल पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। दोनों छात्रों ने थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। दोनों आरोपी पूर्व में लूट और जानलेवा हमले की घटनाएं करने के अलावा रंगदारी मांग चुके हैं।
पुलिस के अनुसार राजपुर गढ़ी मुजफ्फरनगर निवासी गौरव राणा और शामली निवासी गौरव बालियान जागृति विहार में किराये पर रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। दोनों छात्र रोजाना शाम को यूनिवर्सिटी कैंपस में दौड़ लगाने जाते है। करीब एक माह पहले दोनों छात्रों की समाजवादी छात्र सभा से जुड़े छात्र विजय धामा से कहासुनी हो गई थी। विजय धामा पर रंगदारी, लूट, जानलेवा हमले के मुकदमे पंजीकृत हैं।
सोमवार को विजय धामा और कुख्यात अनिल खारी समेत एक दर्जन युवक यूनिवर्सिटी में पहुंचे। अनिल खारी भी लूट और रंगदारी के मामले में जेल से हाल में छूटकर आया है। आरोप है कि दोनों छात्रों को इन कुख्यातों ने कैंपस स्थित मंदिर के पास रोक लिया। आरोपियों ने छात्रों से गालीगलौज और मारपीट की और फिर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। जिस पर कैंपस में खलबली मच गई। गनीमत रही कि गोली किसी को नहीं लगी। छात्रों ने पुलिस को सूचना दी। लेकिन मेडिकल थाने की पुलिस कैंपस नहीं पहुंची। पीड़ित दोनों छात्र ने अपने साथी छात्रों को इसकी जानकारी दी। उसके बाद मेडिकल थाने पहुंचे। विजय धामा और अनिल खारी को नामजद करने के अलावा करीब एक दर्जन अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
पहले सपा, अब भाजपा नेता का संरक्षण
फायरिंग का आरोपी विजय धामा
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विजय धामा पर समाजवादी छात्रसभा से जुड़े रहने के दौरान कैंपस में छात्रों को पीटने, रंगदारी मांगने और पुलिस पर हमला करने जैसे आरोप लगे। विजय जो भी आपराधिक वारदात करता था, एक सपा नेता उसे बचा लेता था। पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी। चर्चा है कि अब विजय को एक भाजपा नेता का संरक्षण मिला हुआ है। भाजपा नेता के साथ वह रहता है।
जेल से छूटा, करने लगा वारदात
अनिल खारी ने गढ़ रोड स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम में आने वाला 33 लाख का कैश लूटा था। उसके बाद भी उसने लूट की कई वारदात की। कुछ दिनों पहले ही अनिल जेल से छूटकर आया था। उसके बाद फिर घटना करने लगा। पुलिस उसका पुराना रिकॉर्ड खंगालकर कड़ी कार्रवाई करने की बात कह रही है।
कैंपस में यह पहली घटना नहीं
यूनिवर्सिटी कैंपस में गोलियां चलाकर दहशत फैलाने वाली यह पहली घटना नहीं हैं। कई बार आरोपी सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हुए। लेकिन हर बार पुलिस मामले पर पर्दा डाल देती है। यही वजह है कि कैंपस में फायरिंग होना आम बात हो गई। सोमवार की घटना भी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस जांच की बात कह रही है।
मजबूत कार्रवाई होगी
सीओ सिविल लाइन चक्रपाणि त्रिपाठी का कहना है कि आरोपियों पर मजबूत कार्रवाई होगी। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी जाएगी। दोनों नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है।
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