चार दिन में पटरी के दोनों तरफ हो गई सफाई, लगेंगे फलदार पौधे
मेरठ। काली नदी को दो किमी के हिस्से में पुनर्जीवन के लिए चल रही कवायद आगे बढ़ती जा रही है। 22 जून से कमिश्नर सुरेंद्र सिंह के हाथों से हुई इस मुहिम की शुरुआत में प्रधान से लेकर गांववासी जुड़ते जा रहे हैं। चार दिन में ही पटरी के दोनों हिस्सों की सफाई कर दी गई है। पुल के 250 मीटर के हिस्से में अब दोनों तरफ सफाई और पानी दिखने लगा है। अब दोनों तरफ पौधे लगाने के लिए भी प्लान तैयार किया जा रहा है। यहां फलदार पौधे लगाने की योजना है।
मुख्य विकास अधिकारी शशांक चौधरी और जिला विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी रोजाना सुबह में एक बार निरीक्षण कर रिपोर्ट लेते हैं। इस कार्य में रोजाना मनरेगा श्रमिकों को लगाकर कार्य को किया जा रहा है। राजस्व विभाग की टीम लगातार दो किमी के हिस्से की पैमाइश कर रही है। इससे पौधरोपण के समय किसी भी तरह की दिक्कत न हो सके। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग को नर्सरी से पौधे तैयार करने के निर्देश दे दिए गए हैं।
तीन गांवों की है सीमा
इस दो किमी के हिस्से में तीन गांवों की सीमा पड़ रही है। इसमें भावनपुर, मेदपुर और छिलोरा गांव शामिल हैं। इन तीनों गांवों के लोगों को जागरूक किया जा रहा है, जिससे काली नदी को निर्मल बनाया जा सके। यहां के गांवों में ट्यूबवेल से भी पानी लाल निकल रहा है। - रुस्तम अली सैफी, प्रधान, भावनपुर
लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे
हमारा प्रयास दो किमी में निर्मल बनाने का है। हम तो सुबह जाकर इसकी देखभाल कर रहे हैं। इस बार सभी के प्रयास से नदी को संवार दिया जाएगा। आगे भी हम गांववासियों को जागरूक करने के लिए प्रयास जारी रखेंगे। - इस्लामुद्दीन, प्रधान, मेदपुर-गांवड़ी
कैंट स्टेशन पर लगाया नीम का पौधा
मेरठ। स्टेशन स्थित बट वेल्डिंग प्लांट के सीनियर सेक्शन इंजीनियर डॉ. विपिन कुमार ने नीम का पौधा लगाया। उन्होंने कहा कि हर किसी को अपने आसपास ऐसे पौधे का रोपण करना चाहिए। इसमें खुद आगे आकर प्रयास करना होगा। वह लगातार सामाजिक सेवाओं में लगे रहते हैं। वहीं, पौधरोपण में भी हर वर्ष पहले ही इस कार्य को करते हैं।