नागरिकता कानून के विरोध में दिल्ली में हुई हिंसा में उत्तर प्रदेश के बिजनौर निवासी दो लोगों की मौत हो गई है। मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। परिजन शव लेकर दिल्ली से रवाना हो चुके हैं। बताया गया कि दोनों लोग हिंसा के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनका अस्पताल में उपचार चल रहा था। शनिवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
24 और 25 फरवरी को दिल्ली ने 'पागलपन' देखा और चारों तरफ फैली नफरत की आग में 42 लोग हमेशा के लिए अपनों से जुदा हो गए। वहीं कितने ही लोग बुरी तरह जख्मी हो गए। इन्हीं में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिला निवासी अय्यूब और सलमान भी थे।
जिले के ग्राम खारी निवासी 48 वर्षीय अय्यूब दिल्ली में रहकर पॉलिथिन बीनकर अपना जीवनयापन करता था। 25 फरवरी को दिल्ली में हुए दंगों में वह बुरी तरह घायल हो गया। जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार सुबह अय्यूब की उपचार के दौरान मौत हो गई।
इसी तरह सहसपुर क्षेत्र निवासी सलमान भी हिंसा की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे भी अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उसका इलाज चल रहा था। आज सुबह उसकी अस्पताल में मौत हो गई। सलमान दिल्ली में टेलरिंग का काम कर अपने परिवार का पेट भरता था।