हस्तिनापुर सीएचसी में दो नवजात की मौत, हंगामा
हस्तिनापुर (मेरठ)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हस्तिनापुर पर डिलीवरी के दौरान लापरवाही बरतने पर दो नवजात की मौत हो गई। केंद्र पर महिला चिकित्सक तैनात न होने के कारण गुस्साए लोगों ने जमकर हंगामा किया। मामला बढ़ता देख सीएचसी प्रभारी ने उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत कराया।
हस्तिनापुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात महिला चिकित्सक को दो साल से जिला अस्पताल में अटैच किया हुआ है। यहां डिलीवरी कराने की जिम्मेदारी स्टाफ नर्स पर है। जिससे कई बार डिलीवरी के दौरान केस बिगड़ चुके हैं। मंगलवार को दूधली गांव निवासी सेवा सिंह पुत्र जगत सिंह अपनी पत्नी रमनजीत और सैफपुर फिरोजपुर निवासी संदीप अपनी पत्नी राखी को डिलीवरी के लिए सीएचसी लेकर पहुंचे। स्टाफ नर्स ने दोनों को भर्ती कर लिया। बुधवार सुबह 11:30 बजे रमनजीत ने बेटे को जन्म दिया। कुछ देर बाद ही नवजात की तबीयत खराब होने लगी। स्टाफ नर्स ने गंभीर हालत में उसे बाल रोग विशेषज्ञ के पास ले जाने को कहा। परिजन आनन फानन में उसे लेकर मवाना में बाल रोग विशेषज्ञ के पास पहुंचे। यहां डॉक्टर ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि डिलीवरी के दौरान लापरवाही बरती गई है। करीब एक घंटे बाद संदीप की पत्नी राखी की डिलीवरी हुई। उसके बेटी को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही देर में उसकी मौके पर मौत हो गई। दो नवजात की मौत होने से केंद्र पर हड़कंप मच गया। पता चलने पर सेवा सिंह और संदीप के अन्य परिजन सीएचसी पर पहुंच गए। उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। उन्होंने कहा कि जब यहां महिला चिकित्सक की तैनाती नहीं है तो उन्हें पहले क्यों नहीं बताया गया। उन्हें यदि पता होता वे यहां भर्ती नहीं कराते। सूत्रों के अनुसार सीएचसी में दो साल पहले एक महिला चिकित्सक तैनात की गई थी, लेकिन वहां यहां आज तक नहीं आई। उनको जिला अस्पताल से अटैचमेंट किया गया हुआ है। सीएचसी प्रभारी डॉ अंकुर त्यागी ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महिला चिकित्सक की तैनाती के लिए स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से पूर्व में ही मांग की जा चुकी है। कई बार स्थिति के बारे में भी अवगत करा चुके हैं। अभी तक यहां किसी को नहीं तैनात किया गया है। सीएमओ डॉ राजकुमार ने बताया कि महिला जिला अस्पताल में महिला चिकित्सकों की कमी है। इस कारण हस्तिनापुर सीएचसी से महिला चिकित्सक को यह अटैच किया गया है। शासन से महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों की मांग की गई है। स्टाफ नर्स डिलीवरी करा सकती हैं इसमें कोई परेशानी नहीं है।