मेरठ। लाला लाजपतराय मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों ने सिलाई की सुई निगलने वाले 35 वर्षीय मरीज राजू का आपरेशन करके जीवनदान दिया है। राजू ने अनजाने में दो सिलाई की सुइयां निगल ली थीं। जो उसकी किडनी और मेसेंटरी की जड़ में फंस गई थीं। मरीज को गंभीर हालत में एम्स ऋषिकेश से मेरठ मेडिकल रेफर किया गया था। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आरसी गुप्ता ने आपरेशन करने वाले डॉ. धीरज राज और उनकी पूरी टीम को बधाई दी है।
मुजफ्फरनगर के छपार निवासी 35 वर्षीय मरीज राजू ने सिलाई की दो सुई निगल ली थी। जिसके बाद से उसके पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत थी। जिसको परिवार वाले पहले मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज और एम्स ऋषिकेश ले गए थे लेकिन सफलता नहीं मिल पायी थी। राजू को 19 दिसंबर 2025 को लाला लाजपतराय मेडिकल कॉलेज मेरठ के सर्जिकल इमरजेंसी में भर्ती कराया था। जांच में राजू के पेट यानी मेसेंटरी की जड़ और दाहिनी किडनी में दो सिलाई की सुइयां होने की पुष्टि हुई। मेडिकल प्रशासन ने आचार्य सर्जरी विभाग डॉ. धीरज राज के मार्गदर्शन में डॉ. शोएब खान, डॉ. रवि बनोत, डॉ. शुभम गुप्ता, डॉ. मुदाबिर और डॉ. आमिर आदि चिकित्सकों की टीम ने 22 दिसंबर को राजू का ऑपरेशन किया। दाहिनी किडनी से लगभग 4 सेंटीमीटर और मेसेंटरी की जड़ से 9 सेंटीमीटर की दोनों सुइयां निकाली।