आनन-फानन में वह उन्हें निजी चिकित्सक के पास लेकर गए जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और परिजनों से घटना की जानकारी ली। परिजनों ने पुलिस को बताया कि घर में फसल पर छिड़काव करने के लिए दवाई रखी हुई थी। दोनों बच्चों ने खेल-खेल में उस जहरीली दवाई का सेवन कर लिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
धीरज उर्फ वीरसिंह की पत्नी ने इस संबंध में पुलिस को तहरीर भी दी। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष सतेंद्र सिरोही ने बताया कि परिजनों ने जहरीले पेस्टीसाइड का सेवन करने से बच्चों की मौत होने की तहरीर दी है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
पल भर में उजड़ गई धीरज व बबली की दुनिया
गांव सुनगढ़ निवासी धीरज उर्फ वीरसिंह के दो ही बच्चे थे। शनिवार का दिन उसके जीवन में ऐसा तूफान लेकर आया कि उसके दोनों बच्चे एक साथ काल के गाल में समा गए। ग्रामीणों के अनुसार धीरज चांदपुर स्थित एक पेपर मिल में मजदूरी कर परिवार की गुजर बसर कर रहा था।
पत्नी बबली घर में रहकर अपने दो बच्चों सयंम और तृप्ति की देखभाल करती थी। उन्हे नहीं पता था कि जब वह बाजार से खरीदारी करके लौटेंगे तो उनकी दुनिया ही उजड़ चुकी होगी। दोनों बच्चों की एक साथ हुई मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
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