बिजनौर कोतवाली पुलिस और साइबर सेल टीम ने सिने अभिनेता सलमान खान के शो के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले दो युवकों को गिरफ्तार किया है। मास्टमाइंड पुलिस की पकड़ से दूर है। उसे दबोचने के लिए पुलिस की टीम दबिश दे रही है। शहर में 750 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक में अलग-अलग श्रेणी के टिकट बचे जा रहे थे।
एसपी संजीव त्यागी के मुताबिक शहर कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम ने धामपुर की रानीबाग कॉलोनी निवासी हेमंत
सैनी और शेरकोट थाने के तीपर जोत निवासी रविंद्र को गिरफ्तार किया। उनसे एक मोबाइल, पम्फलेट में दर्शाया बीएसएनएल का एक सिम, पांच वीआईपी पास और फर्जी शो के 100 पम्फलेट बरामद किए।
गैंग का मास्टर माइंड मुरादाबाद के मझौला थाना क्षेत्र के मझौली निवासी अभिषेक फरार है, उसे पकड़ने के लिए पुलिस की टीम लगा दी गई है। पकड़े गए दोनों युवकों (हेमंत
सैनी और रविंद्र) ने पुलिस को बताया कि अभिषेक के साथ मिलकर उन दोनों ने सलमान खान के फर्जी शो के नाम पर धोखाधड़ी कर पैसा कमाने के लिए यह काम किया था।
डीजीपी के आदेश पर जागी पुलिस
डीजीपी के आदेश पर पुलिस इस मामले में हरकत में आई। इस फर्जी कार्यक्रम के बारे में अखबारों में खबर प्रकाशित होने के बाद खुद सलमान ने ट्वीट किया था कि बिजनौर के कार्यक्रम से उनका कोई लेना देना नहीं है। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और इस खेल में शामिल युवकों की तलाश में जुट गई।
अभिषेक मुरादाबाद में करा चुका है कार्यक्रम
पुलिस के मुताबिक इस पूरे फर्जीवाडे़ का मास्टर माइंड फरार मुरादाबाद का अभिषेक है। अभिषेक मुरादाबाद में सलमान खान का एक कार्यक्रम करा चुका है। देहरादून में भी पिछले साल सलमान खान के नाम पर ऐसा फर्जीवाड़ा होने की बात सामने आ रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि देहरादून के फर्जीवाड़े में भी ये लोग तो शामिल नहीं थे।
यह था मामला
पिछले कई दिनों से बीईंग ह्यूमन फाउंडेशन की ओर से अभिनेता सलमान खान के चार मई को बिजनौर में किरतपुर रोड पर लाइव शो कराने के पोस्टर लगवाए जा रहे थे। सलमान खान के अलावा गायक गुरु रंधावा, नेहा कक्कड़, अरमान मलिक और अमोल मलिक के आने की भी बात कही गई थी।
कार्यक्रम के लिए अलग-अलग श्रेणी के टिकट रखे गए थे। पोस्टर पर सलमान खान को बीईंग ह्यूमन फाउंडेशन का चेयरमैन बताया गया था। इस मामले में शुक्रवार को सिविल लाइन चौकी के प्रभारी संजय गिरि की ओर से शहर कोतवाली में सलमान खान के नाम पर फर्जीवाड़ा करने के मामले में धारा 420, 467, 468, 66 आईटी एक्ट और धारा 101डी, 102 ए ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।