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फुक रही ट्यूबवेल की मोटर, जलापूर्ति प्रभावित

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फुंक रही ट्यूबवेल की मोटर, जलापूर्ति प्रभावित
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मेरठ। शहर में लो वोल्टेज, 22 घंटे लगातार ट्यूबवेल संचालन और शार्ट सर्किट के कारण ट्यूबवेलों के मोटर फुंक रहे हैं। जिसके कारण कई क्षेत्रों की जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। जल निगम यांत्रिक खंड ने जलकल विभाग के अधिकारियों से जहां नई मोटर लगवाने की मांग की है वहीं ट्यूबवेल संचालन का समय कम करने की भी बात कही है। जिसको लेकर जलकल अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
महानगर में अधिकतर ट्यूबवेल स्काडा से संचालित किए जा रहे हैं। शिकायत है कि लो वोल्टेज के कारण स्काडा काम करना बंद कर देता है। साथ ही मोटर को भी जला देता है। अब ट्यूबवेलों पर शॉर्ट सर्किट की शिकायतें भी आनी शुरू हो गई हैं। ट्यूबवेल संचालन का समय निर्धारित न होने के कारण ट्यूबवेल के मोटर खराब हो रहे हैं। जल निगम यांत्रिक खंड अधिशासी अभियंता अमित कुमार का कहना है कि नगर निगम की स्काडा संचालित ट्यूबवेल छीपी टैंक परिसर, पल्लवपुरम फेज दो, मेरठ कालेज सिविल लाइन क्षेत्र की लाइनों में लगातार शॉर्ट सर्किट हो रहे है। जिसके कारण मोटर खराब हो रही हैं। इसके पीछे लगातार 22 घंटे तक ट्यूबवेल चलना भी है। मोटर खराब होने के कारण जलापूर्ति प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में जलकल विभाग के सहायक अभियंता सुनील कुमार को पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया है।
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उधर इस संबंध में जलकल विभाग के सहायक अभियंता सुनील कुमार से बात की गयी तो उन्होंने ट्यूबवेल संचालन की पूरी जिम्मेदारी जल निगम यांत्रिक विभाग पर मड़ दी है। कितनी ट्यूबवेल इस कारण खराब हैं। 22 घंटे ट्यूबवेलों का संचालन क्यों किया जा रहा है। इस संबंध में भी उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
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