वहीं, एक ट्रक चालक से पांच हजार रुपये की मांग की तो उसने पैसे देने से मना कर दिया था। बाद में ट्रक चालक से दो हजार रुपये लेने के बाद ही उसे जाने दिया गया। चालक ने मामले की जानकारी ट्रांसपोर्टर को दी।
इसके बाद मामला एसपी ट्रैफिक तक पहुंचा और जांच की गई। जांच में आरोप सही पाए गए। दोनों पर कार्रवाई के बाद एसएसपी ने सभी पुलिस टीमों को चेतावनी दी है कि निर्धारित स्थलों पर ईमानदारी से ड्यूटी दें।
अवैध वसूली जैसी गतिविधियों में लिप्त मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी अलग-अलग थानों के दरोगा और पुलिस कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के दाग लग चुके हैं। इनके चलते पिछले पांच महीने में ही आठ से अधिक पुलिस वालों पर कार्रवाई की जा चुकी है।