बागपत में बरनावा के किसान ने चकबंदी प्रक्रिया में धांधली के आरोप लगाते हुए कलक्ट्रेट में हंगामा किया। चकबंदी महकमे के डीडीसी पर फाइल में फर्जीवाडा करने का आरोप लगाया। कार्रवाई न करने पर आत्महत्या की चेतावनी दी। डीएम भवानी सिंह ने किसान को समझाया और निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बृहस्पतिवार को बरनावा के आनंद स्वरूप द्वारा कलक्ट्रेट में आत्महत्या की सूचना पर प्रशासन में खलबली मच गई। सूचना पर पहुंच अफसरों ने किसान को डीएम भवानी सिंह खंगारौत से मिलवाया। पीड़ित ने बताया कि गांव में पार्टीबाजी के चलते उसकी फाइल में फर्जीवाडा कर दिया गया। चक संख्या 121 जो उसकी मूल जोत पर बना था। 20 बीघा की मूल जोत पर 13 बीघा का चक मिला था जो ऊबड़-खाबड़ था। बैंक से दो लाख रुपये का लोन लेकर उसको समतल कराया था। आरोप लगाया कि उसका चक मिलीभगत कर 10 मीटर वाले किसान को दे दिया, जो चकबंदी एक्ट के विरुद्ध था। आरोप लगाया कि एक्ट के विरुद्ध ही उसके चक में दो बार संशोधन किया गया। उसके भूमि के पांच चक कर दिए गए। हवा में भी चक काट दिए गए। किसान ने चेतावनी दी है कि शीघ्र ही कार्रवाई नहीं की गई तो वह आत्महत्या करने को मजबूर होगा। डीएम ने किसान को शीघ्र ही कार्रवाई का आश्वासन दिया है।