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विकास के नाम पर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की तैयारी

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सरूरपुर। शासन ने ग्राम पंचायतों में विकास के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए मनरेगा के बाद अब अन्य योजनाओं का भुगतान भी ऑनलाइन कराने की योजना लागू कर दी है। ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव के नाम का डोंगल जारी कर उनका डिजिटल हस्ताक्षर बनाने के बाद उसे विभागीय बेवसाइट पर रजिस्टर किया जा रहा है। जिससे नई कार्ययोजना में अभी तक विकास कार्य शुरू नहीं सके हैं। वहीं, ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
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शासन ने ग्राम प्रधानों की मनमानी पर अंकुश लगाने की योजना बनाई है। अब तक ग्राम पंचायतों के विकास के लिए आने वाली धनराशि का भुगतान प्रधान एवं सचिव चेक के माध्यम से करते थे। इसमें कई बार प्रधान व सचिव फर्जी फर्म बनवाकर उसे भुगतान कर सरकारी धनराशि हड़प लेते थे। पिछले दिनों शासन ने विकास के लिए व्यय धनराशि का भुगतान भी ऑनलाइन कराने का निर्णय किया। इसके लिए सभी प्रधान एवं सचिव के नाम का डोंगल जारी कर उनका डिजिटल हस्ताक्षर तैयार कराए हैं। शासन के निर्देश पर डीपीआरओ कार्यालय की ओर से ब्लॉक सरूरपुर एवं रोहटा के समस्त ग्राम प्रधान एवं पंचायत सचिव के नाम का डोंगल बनाकर उनके डिजिटल हस्ताक्षर तैयार कर लिये हैं। हालांकि अभी तक भुगतान प्रक्रिया प्रारंभ नहीं हो सकी है। इस कारण ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। इसको लेकर ग्रामीण आए दिन प्रधानों से काम नहीं होने की शिकायत कर रहे हैं। वहीं, ग्राम प्रधान भी गांव में विकास कार्य जल्द शुरू कराने के लिए लगातार एडीओ पंचायत और बीडीओ पर दबाव बना रहे हैं। एडीओ पंचायत सरूरपुर भूपेन्द्र कुमार ने बताया कि विकास खंड में 27 ग्राम पंचायतें हैं। जिनमें दस में डोंगल से भुगतान शुरू हो चुका है। जल्द ही अन्य ग्राम पंचायतों में भी नई भुगतान प्रणाली सुचारू रूप से चालू हो जाएगी। उन्होंने बताया कि डिजिटल हस्ताक्षर तैयार होने के बाद विभाग अब उनके हस्ताक्षर विभागीय वेबसाइट पर रजिस्टर कर रहे हैं। सभी के डिजिटल हस्ताक्षर रजिस्टर होने के बाद प्रधान एवं सचिव चेक से भुगतान नहीं कर सकेंगे। न ही प्रस्ताव में शामिल कार्य की मैनुअल स्वीकृति दे सकेंगे। एडीओ पंचायत रोहटा विवेक आनंद ने बताया कि ब्लॉक में 39 ग्राम पंचायतें हैं। जिनमें सभी के नाम का डोंगल तैयार हो गया है। उनकी ओर से डिजिटल हस्ताक्षर विभागीय वेबसाइट पर रजिस्टर किया जा रहा है। कार्य पूर्ण होते ही डिजिटल व्यवस्था लागू हो जाएगी। व्यवस्था लागू होने के बाद सभी ग्राम पंचायतों को अब प्रस्ताव, कार्ययोजना, लेबर बजट आदि पर ऑनलाइन स्वीकृति करनी पड़ेगी। बीडीओ सुधा आर्य ने बताया कि शासन की तरफ से डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था ग्राम पंचायतों के 14वें वित्त आयोग के खाते पर लागू की गई है।
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