सरधना। नगर के मोहल्ला तकियाकैत में पूर्व चेयरमैन निजाम अंसारी के आवास पर शेरे मैसूर टीपू सुल्तान का शहादत दिवस मनाया गया। वक्ताओं ने कहा कि शेर-ए-हिंदुस्तान टीपू सुल्तान की शहादत पर हम सभी को नाज है।
टीपू सुलतान की शहादत को याद करते हुए कहा कि 48 साल की उम्र में दुश्मनों और अंग्रेजी हुकूमत को ललकारा और और 4 मई के दिन शहीद हुए थे। कहा कि टीपू सुल्तान को भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में जाना जाता है। उस समय विज्ञान के नहीं होने पर भी उन्होंने आधुनिक हथियारों को बनाया था। ऐसे योद्धा को दिल से नमन करने की बात कही। समाजसेवी शाहवेज अंसारी ने कहा कि टीपू सुल्तान जैसे जांबाज सिपाही की तरह अपनी कौम के बच्चों को शिक्षित व टेक्नोलॉजी में आगे बढ़ाने की जरूरत है। कहा कि अगर टीपू सुल्तान चाहते तो बाकी की तरह अंग्रेजों से संधि कर उनकी तमाम शर्तों और गुलामी को कुबूल करके अपनी रियासत बचा सकते थे, लेकिन उन्होंने इस गुलामी से बेहतर शहादत को तरजीह दी। इस दौरान हाजी तैय्यब, इकराम अंसारी, अनीश कुरैशी ने कहा कि टीपू सुल्तान एक धर्म निरपेक्ष शासक थे।