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Meerut News: छात्र एंजेल चकमा को शोक सभा कर दी श्रद्धांजलि

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उत्तराखंड में त्रिपुरा छात्र की निर्मम हत्या: मेरठ में शोक सभा, न्याय की गूंज
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चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में बुधवार को बड़ी संख्या में छात्रों, अधिवक्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उत्तराखंड के देहरादून में त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की निर्मम हत्या पर गहरा शोक व्यक्त किया। यह घटना 9 दिसंबर को सेलाकुई इलाके में हुई। आरोप है कि नस्लीय टिप्पणियों का विरोध करने पर छात्र पर हमला हुआ और 17 दिन बाद अस्पताल में उसकी मौत हो गई। सभा में दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत छात्र की आत्मा की शांति की प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जताई।
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वक्ताओं ने इसे मात्र एक व्यक्तिगत हत्या नहीं बल्कि देश की एकता, भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि रंग, रूप, भाषा या नस्ल के आधार पर हिंसा अस्वीकार्य है। यदि समाज चुप रहा तो अराजकता और अविश्वास फैलेगा। इससे लोकतंत्र को कमजोर करेगा। सभी ने एक स्वर में मांग की कि सरकार और प्रशासन छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। ताकि नफरत और भेदभाव के लिए कोई जगह न रहे। एडवोकेट आदेश प्रधान ने कहा कि यह घटना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता) और 21 (जीवन का अधिकार) का उल्लंघन है।
उन्होंने त्वरित, निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय की मांग की। शशिकांत गौतम ने इसे सामाजिक ताने-बाने पर आघात बताया और कहा कि आज आवाज न उठाई तो कल कोई सुरक्षित नहीं रहेगा। अनुज भड़ाना ने भारत की विविधता को ताकत बताते हुए नफरत की मानसिकता के खिलाफ सख्त कदम की अपील की। दीपक शर्मा ने छात्रों की सुरक्षा को शासन की विफलता करार दिया और मुआवजे व न्याय की मांग की। सभा में सभी ने संकल्प लिया कि वे नफरत, भेदभाव और हिंसा के खिलाफ निरंतर संघर्ष करेंगे तथा समानता और मानवता के मूल्यों की रक्षा करेंगे। शोक सभा में आदेश प्रधान, शशिकांत गौतम, अनुज भड़ाना, आकाश भड़ाना, दीपक शर्मा, राहुल वर्मा, अमित मलिक, प्रशांत त्यागी, अभिषेक भाटी, हितेश रस्तोगी, हैप्पी सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए।
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