मेडिकल में एचआईवी एड्स का इलाज अब अत्याधुनिक तरीके से होगा। लोगों में संक्रमण की जांच के लिए अब वायरल लोड टेस्टिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।
नेशनल एड्स कंट्रोल सोसायटी ने मेरठ को वायरल लोड टेस्टिंग मशीन दी है। इस तकनीक से एचआईवी वायरल के लोड की जांच होती है। नई वायरल लोड टेस्टिंग मशीन से शरीर में एचआईवी वायरस के स्तर को जांचा जा सकता है। जीवन भर एंटी रिट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) लेने वाले एचआईवी के साथ जी रहे लोगों पर उपचार कितना प्रभावी हो रहा है, यह जानने में इस मशीन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर के नोडल अधिकारी डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य ने बताया कि अभी तक यह मशीन मेडिकल कॉलेज में नहीं थी। इस मशीन के आने से जो सैंपल जांच के लिए दिल्ली भेजे जाते थे। वह टेस्ट यहीं हो जाएंगे। उन्होंने बताया हर माह 12 से 15 सैंपल जांच के लिए भेजे जाते थे।
अभी तक सिर्फ यह थी सुविधा
मेरठ में एचआईवी-एड्स के साथ जी रहे लोगों के लिए अभी तक सिर्फ सीडी-4 काउंट की सुविधा ही थी। इस तकनीक से संक्रमण से लड़ने वाली सीडी-4 कोशिकाओं की जांच हो सकती है।
10 हजार से ज्यादा लोग आ चुके इलाज कराने
मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर की शुरुआत वर्ष 2005 में हुई थी। पहले साल महज तीन मरीज आए थे, लेकिन जैसे-जैसे लोगों में जागरूकता बढ़ी है और लोग एचआईवी टेस्ट करा रहे हैं, वैसे-वैसे तादाद बढ़ती जा रही है। अब तक यहां करीब 10 हजार लोगों का एचआईवी का इलाज कराने आ चुके हैं।
ऐसे हो सकता है एचआईवी
एक से अधिक लोगों से असुरक्षित यौन संबंध से
एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने से
संक्रमित सुई एवं सिरिंज के इस्तेमाल से
एचआईवी संक्रमित गर्भवती मां से उसके होने वाले बच्चे को
यह बरतें सावधानी
शादी से पहले युवक-युवती एचआईवी जांच कराएं
असुरक्षित यौन संबंध और संक्रमित रक्त सुई से बचें
सामान्य व्यक्ति भी बच्चों की जांच कराएं
पौष्टिक भोजन और स्वस्थ जीवन शैली अपनाएं
धूम्रपान, मदपान, नशीली दवाओं का सेवन न करें
व्यायाम करें, शारीरिक स्वच्छता पर ध्यान दें
यह हो सकते हैं एचआईवी के लक्षण
वजन कम होना और किसी भी बीमारी में दवा का असर न होना
गले-मुंह में लगातार छाले रहना और उल्टी व दस्त की समस्या
खुजली, हरपीज और गुप्त रोग होना
मेडिकल में एचआईवी की जांच निशुल्क कराएं
स्वैच्छिक जांच एवं परामर्श केंद्र (ओपीडी-18)
माता-पिता एवं नवजात शिशु सुरक्षा केंद्र (ओपीडी-13)