सकौती में गन्ना समिति के अधिकारी खेत में मशीन का डेमों देते हुए।
- फोटो : LAWARD
दौराला। गन्ने के फसल अवशेषों को खेतों में जलाने से रोकने के लिए गन्ना विभाग किसानों को जागरूक कर रहा है। गन्ना विकास परिषद सकौती टांडा मेरठ के सहायक परियोजना अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि गन्ना विकास परिषद सकौती टांडा परिक्षेत्र की चीनी मिल सकौती में किसानों को ट्रेस मलचिंग करने के लिए ट्रेस मल्चर उपलब्ध है। ट्रेस मल्चर का उपयोग करने से गन्ने की पत्तियां छोटे-छोटे रेसो में परिवर्तित हो जाती है। जो मृदा में मिलकर खाद का रुप ले लेती है। जिसके कारण मृदा उर्वरकता शक्ति बढ़ जाती है। लाभदायक जीवाश्म के बढने से पैदावार भी अच्छी होती है। उन्होंने बताया कि मृदा उर्वरकता के साथ पर्यावरण भी प्रदूषित होने से बच जाता है। बताया कि गन्ने की खेती में यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए गन्ना आयुक्त के आदेश अनुसार फार्म मशीनरी बैंक के तहत चीनी मिल सकौती में ट्रेस मल्चर की व्यवस्था की गई है। इस दौरान ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक अमरप्रताप सिंह, राजेंद्र सिंह, जितेंद्र मलिक, जीएम कैन, एसीएम अमित राणा व विवेक राणा आदि मौजूद रहे।