यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी ने रविवार को मेरठ के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार को निलंबित कर दिया। ट्रांसमिशन लाइन में ब्रेकडाउन की वजह से बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ाने पर यह कार्रवाई की गई। मेरठ क्षेत्र में ट्रांशमिशन लाइन में लगातार तकनीकी खामियां और लापरवाही सामने आ रही थी।
मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन पश्चिम मेरठ द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार 19 मई 2026 को 132 केवी मोदीपुरम-2 कंकरखेड़ा लाइन ट्रिप हो गई थी। इसके कारण टावर संख्या 33 और 34 के बीच कंडक्टर टूट गया। 20 मई को 132 केवी मोदीपुरम-2 से वेदव्यासपुरी लाइन भी ट्रिप हो गई। इस दौरान टावर संख्या आठ और नौ के बीच मिड स्पैन जॉइंट से कंडक्टर टूटने के साथ ही टावर का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। 19 मई को 132 केवी शताब्दीनगर-परतापुर प्रथम सर्किट के आइसोलेटर में खराबी आने से संबंधित लाइनों में ट्रिपिंग हुई तथा 132 केवी क्षमता वाले उपकेंद्र परतापुर और वेदव्यासपुरी से 33 केवी व 11 केवी पोषकों की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई।
अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन प्रथम ने अधीक्षण अभियंता ट्रांसमिशन मंडल मेरठ व मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन वेस्ट मेरठ को तत्काल इसकी सूचना तक नहीं दी। ब्रेकडाउन की घटनाओं की जानकारी में अधिक देरी की गई और ब्रेकडाउन को सही कराने में त्वरित कदम नहीं उठाया गया। इस कारण लगातार 22 घंटे तक लाइन ब्रेकडाउन में रही और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। इसके पीछे अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन प्रथम योगेश कुमार की विभागीय कार्यों के प्रति लापरवाही, उदासीनता व उच्च अधिकारियों को समय पर घटना की सूचना न देने जैसी गंभीर अनुशासनहीनता व कर्तव्यों की उपेक्षा पाई गई। इस पर यूपी पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मयूर माहेश्वरी ने अधिशासी अभियंता ट्रांसमिशन को निलंबित कर दिया। निलंबन के बाद योगेश को मुख्य अभियंता ट्रांसमिशन वेस्ट मेरठ से संबद्ध कर दिया गया है। इसी मामले में मुख्य अभियंता सतेंद्र सिंह को चेतावनी दी गई है।