पीएफआई की विवेचना एटीएस को ट्रांसफर
मेरठ। पीएफआई की विवेचना एटीएस को ट्रांसफर हो गई है। पुलिस ने बताया कि 25 सितंबर को छापा मारकर एटीएस ने पीएफआई के सदस्य शादाब अजीज कासमी निवासी सोंटा रसूलपुर शामली, मुफ्ती शहजाद निवासी नेकपुर गाजियाबाद, मौलाना साजिद ग्राम मामोर शामली और मोहम्मद इस्लाम कासमी निवासी जोगियाखेड़ा परसौली मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार कर लिया था।
इसके बाद चारों आरोपियों के खिलाफ खरखौदा थाने में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। पुलिस ने अक्टूबर माह में आरोपियों को रिमांड पर लेकर नफरत फैलाने वाला साहित्य बरामद किया था। पुलिस ने बताया था कि पीएफआई के चारों सदस्यों के मंसूबे खतरनाक थे। आरोपी गजवा-ए-हिंद के जरिए देश को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश रच रहे थे।
इसके अलावा कश्मीरी मुजाहिद से संबंधित साक्ष्य मिले थे, जो हिंदू दंगों के बारे में है। हिजाब से संबंधित भी एक वीडियो भी मिला है। पेन ड्राइव में हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू भाषाओं में पीएफआई के बैनर, मीटिंग संबंधित फोटो भी मिले थे। खरखौदा पुलिस मुकदमे में चार्जशीट तैयार करने जा रही थी। इसी बीच डीजीपी मुख्यालय से विवेचना को स्थानांतरण करने का आदेश आया। विवेचना एटीएस नोएडा को भेज दी गई है। एटीएस आरोपी से बरामद इलेक्ट्रोनिक्स साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट लगाई जाएगी। एसएसपी रोहित सजवाण ने बताया कि डीजीपी मुख्यालय के आदेश पर विवेचना एटीएस को सौंप दी है।