- ऊर्जा निगम के अफसरों पर लगाया उत्पीड़न करने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। स्मार्ट मीटर की खामियों को लेकर व्यापारियों में रोष है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर ऊर्जा निगम के अधिकारियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली में सुधार लाना बेहद जरूरी है।
मेरठ महानगर में एक लाख से अधिक घरों में स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। पहले प्रीपेड मीटर लगाने के लिए लोगों में आक्रोश था। विरोध के बाद प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड कर दिया गया लेकिन इन मीटरों की खामियां दूर नहीं हो पा रही हैं। लोकेश अग्रवाल ने बताया कि स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली में जनता का उत्पीड़न किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर में रीडिंग अधिक आने पर चेक मीटर लगाने की मांग पर भी अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। लोगों को मनमानी दरों पर बिजली बिल का भुगतान करना पड़ रहा है। स्मार्ट मीटर लगाते समय उपभोक्ताओं को सीलिंग सर्टिफिकेट नहीं दिया जा रहा है। इस मामले में पीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन दे चुके हैं। समस्याओं का समाधान नहीं होने पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली में सुधार की मांग की है।
उन्होंने बताया कि रोहटा क्षेत्र के ख्वाजापुर माजरा गांव निवासी गीता रानी के पांच किलोवाट के स्वीकृत भार वाले कनेक्शन पर अक्तूबर 2025 से मीटर पर 25 किलोवाट का भार दिखाया जा रहा है जबकि उसके यहां बल्ब व पंखे के अलावा कोई भार नहीं है। शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। पांडव नगर निवासी राधेश्याम अरोड़ा के घर का मीटर बदलने के बाद से बिल नहीं बन रहा। शिकायत करने के बाद भी सुनवाई नहीं हो रही। व्यापारी नेता रजनीश कौशल रज्जन का कहना है कि स्मार्ट मीटर प्रणाली की खामियों को दूर करके लोगों को राहत दी जाए।