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कैंट में दुकानों के बढ़े किराए के विरोध में उतरे व्यापारी

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कैंट में दुकानों के बढ़े किराए के विरोध में उतरे व्यापारी
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मेरठ। छावनी क्षेत्र में 300 से ज्यादा दुकानों का किराया चार गुना तक बढ़ाए जाने के विरोध में संयुक्त व्यापार संघ नवीन गुप्ता गुट ने सांसद को ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने इसे कैंट बोर्ड की मनमानी बताकर रक्षा मंत्रालय और प्रधानमंत्री को भी ज्ञापन भेजा। साथ ही संगठन शुक्रवार को डीएम, कैंट सीईओ और कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल को ज्ञापन सौंपेगा।
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण व्यापार पहले से ही प्रभावित हैं। ऐसे में किराया बढ़ाया जाना अनुचित है। महामंत्री संजय जैन ने कहा कि आर्थिक हानि झेल रहे व्यापारियों को कैंट बोर्ड ने और ज्यादा परेशानी में डाल दिया है। व्यापारी इस समय बच्चों की स्कूल फीस, बैंकों का ब्याज देने में असमर्थ हैं। ऐसे में कैंट बोर्ड को बढ़ा किराया किस प्रकार दे पाएंगे। कोषाध्यक्ष सतीश चंद्र जैन और संरक्षक डॉ. ब्रिजभूषण ने कहा कि कैंट बोर्ड को इस निर्णय पर पुन: विचार करना चाहिए। इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरज मित्तल, उपाध्यक्ष संजीव रस्तोगी, अमन गुप्ता, सरदार नरेंद्र सिंह, आशु रस्तोगी, विकास गिरधन, संदीप गोयल, विजय आनंद अग्रवाल, अंकुर गोयल, अनुज सिंघल, मनीष शर्मा, लल्लू मक्कड़, सुधांशु पाराशर, संजीव जिंदल आदि मौजूद रहे।
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जन प्रतिनिधियों को करना था विरोध
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता नटराज ने कहा कि कैंट बोर्ड ने चार गुना तक दुकानों का किराया बढ़ाया है। वह व्यापार और व्यापारी हित में नहीं हैं। बोर्ड बैठक में जनता के प्रतिनिधि भी मौजूद थे। उन्हें इस निर्णय को स्वीकार नहीं करना चाहिए था। उपाध्यक्ष सुधीर रस्तोगी ने कहा कि कैंट बोर्ड के बायलॉज में मनमानी किराया बढ़ाने का कोई नियम नहीं है। किराया बढ़ाने का प्रतिशत होता है। जब तक यह निर्णय वापस नहीं लिया जाता, संयुक्त व्यापार संघ इसका विरोध करता रहेगा।
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कैंट बोर्ड की दुकानों के बढ़े किराए का विरोध
मेरठ। कैंट बोर्ड की ओर से दुकानों का किराया चार गुना बढ़ाने का व्यापारी स्वाभिमान मंच ने विरोध किया। संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि कैंट के व्यापारियों के लिए सभी को एकजुट होकर लड़ना चाहिए। उन्होंने समस्याओं के संबंध में सीईओ के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन के संस्थापक संजय अग्रवाल ने कहा कि व्यापारियों पर मुकदमे लगाए जा रहे हैं। उनके चालान भी किए गए हैं। आर्थिक स्थिति से जूझ रहे व्यापारी के हित में कोई नहीं सोच रहा है। जिला उपाध्याय तरुण चोपड़ा ने कहा कि एसी कमरों में बैठकर लिए गए फैसलों में जमीनी हकीकत नहीं होती है। सिद्धांत कपूर ने कहा कि इस मुद्दे पर पुनर्विचार की जरूरत है। इस दौरान नीरज पुरी, सत्प्रीत अहूजा, शिवा, आकाश, नितिन, राजू सरदार, अखिल, मनु चड्डा, मनीष, शिवम वर्मा आदि रहे।
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