मेरठ। जिले का कार्यभार बृहस्पतिवार को हाईस्कूल और 12वीं की टॉपर बेटियों ने संभाला। डीएम, सीडीओ, ग्राम पंचायत अधिकारी समेत अन्य अधिकारियों की कुर्सी पर बैठते ही उन्होंने फरियाद सुनीं। पीड़ितों से कहा कि चिंता मत कीजिए, हम हैं ना, आपकी हर समस्या का समाधान किया जाएगा। जमीन, घरेलू हिंसा, कब्जे समेत सभी शिकायतों को 15 दिन में निपटाने के निर्देश दिए। ब्लॉक स्तर के अधिकारी से लेकर डीएम ने बेटियों को प्रशासनिक व्यवस्था से अवगत कराया।
शारदीय नवरात्र में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने और मिशन शक्ति अभियान के तहत बृहस्पतिवार को जिले की टॉपर बेटियां एक दिन की अधिकारी बनीं।एक दिन की डीएम केएल इंटरनेशनल स्कूल की कक्षा-12 की सीबीएसई की टॉपर राम्या सिंघल सुबह दस बजे जब कलक्ट्रेट पहुंचीं तो फरियादियों की लाइन लगी थी। वे ऑफिस में बैठीं और एक-एक फरियादी से बात की। सबसे पहले फरियादी 62 वर्ष के हरेंद्र सिंह ने डीएम को जमीन के विवाद से संबंधित शिकायती पत्र दिया। गंभीर मामला देख डीएम ने तुंरत इस पर कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद 25 फरियादियों ने उन्हें अपना दुखड़ा सुनाया। उन्होंने दो घंटे तक डीएम की कुर्सी पर बैठकर समस्याएं सुनीं। डीएम दीपक मीणा उनके पास बैठे रहे।
मुख्य विकास अधिकारी नुपूर गोयल ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल की मेधावी छात्रा आकृति को एक दिन के लिए मुख्य विकास अधिकारी बनाया। आकृति ने 10 शिकायतें सुनीं। इस दौरान भाजपा के विधायक भी मुख्य विकास अधिकारी के कार्यालय पहुंचे। प्रशासन की इस पहल की सराहना की।
राम्या बोलीं, साइकोलॉजिस्ट बनना चाहती हूं
राम्या ने बताया कि वह साइकोलॉजिस्ट बनना चाहती है। उन्होंने कहा कि मेहनत के बल पर ही आगे बढ़ सकते हैं। मैंने आज इस पद की कार्यप्रणाली के बारे में जानना है। आज डीएम की कुर्सी पर बैठने के बाद आईएएस बनने का सपना बनाया लिया। वे गंगानगर में गंगाधाम कॉलोनी में रहते हैं। पिता नितिन एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं और मां मालविका सिंघल केएल इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षिका हैं।
आकृति बोली, आईएएस बनना चाहती हूं
मुख्य विकास अधिकारी बनीं आकृति ने कहा कि वह आईएएस बनकर समाज की सेवा और प्रशासनिक सेवा में योगदान देना चाहती हैं। वह फलावदा की निवासी हैं। उनके पिता मनोज कुमार शिक्षक और माता वीना शिक्षिका हैं। माता-पिता से प्रेरणा लेकर पढ़ाई की और जनपद में हाईस्कूल में यूपी बोर्ड में द्वितीय स्थान प्राप्त किया था। सरकार की मिशन शक्ति योजना के तहत बेटियों को एक दिन का अधिकारी बनाने से देश व प्रदेश की बेटियां प्रोत्साहित होंगी।
इशिका चौहान बनीं सचिव
मोदीपुरम। दुल्हैड़ा चौहान में बृहस्पतिवार को इशिका चौहान एक दिन की ग्राम पंचायत अधिकारी बनीं। ग्राम प्रधान बाल किशोर, सचिव गरिमा वत्स ने इशिका को बुके देकर पदभार ग्रहण कराया। इस दौरान गांव की एक महिला विधवा पेंशन की समस्या को लेकर पहुंची। महिला बताया कि उसके खाते में विधवा पेंशन के रुपये नहीं आ रहे हैं। जांच कराने पर पता लगा कि बैंक से ही दिक्कत है। इशिका ने महिला को आश्वासन दिया कि जल्द पेंशन खाते में आ जाएगी।