संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा/माछरा। नगलामल शुगर मिल ने गन्ने पर चोटी बेधक कीट के भयंकर प्रकोप को देखते हुए एक अभियान चलाया है। इस कीट के कारण गन्ने की पैदावार बहुत कम हुई है।
चोटी बेधक कीट की प्रथम पीढ़ी सुंडी गन्ने की पेड़ी फसल में प्रवेश कर चुकी है। यह पत्तियों की मध्य शिरा पर लाल सफेद धारी के रूप में दिखाई देती है। उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद शाहजहांपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक मेजर सिंह ने मिल क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पेड़ी फसल में 15 से 90 फीसदी तक चोटी बेधक पाया गया है। यह कीट गन्ने के शीर्ष भाग को प्रभावित करता है। इसकी सुंडी पत्तियों से पौधे में घुसकर कोमल ऊतकों को नष्ट कर देती है। इससे फसल की वृद्धि और उपज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
नगलामल शुगर मिल ने चोटी बेधक उन्मूलन के लिए व्यापक अभियान चलाया है। यांत्रिक नियंत्रण विधि से कीट की सुंडी अवस्था को नष्ट किया जा रहा है। मिल ने 60 फील्ड कर्मचारी और 170 श्रमिकों को तैनात किया है, जो किसानों के साथ प्रभावित पौधों को हटाएंगे। चीनी मिल किसानों को 2000 रुपये प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि भी दे रही है। प्रबंधन ने सभी गन्ना किसानों से सक्रिय योगदान की अपील की है।