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टोल पर भाकियू का बखेड़ा

Sun, 01 May 2016 02:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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टोल प्लाजा पर हंगामे के दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं और टोल मैनेजर के बीच होती नोकझोंक। - फोटो : अमर उजाला
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सिवाया टोल प्लाजा पर टैक्स के लिए भाकियू कार्यकर्ताओं ने बखेड़ा कर दिया। भाकियू मीडिया प्रभारी ने तीन कर्मचारियों पर गाड़ी चढ़ा दी, जिससे वह घायल हो गए। मारपीट और तोड़फोड़ भी की गई। हंगामे के बीच आधे घंटे तक टोल फ्री करा दिया। पुलिस ने मौके पर जाकर स्थिति संभाली।
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भारतीय किसान यूनियन के मुजफ्फरनगर मीडिया प्रभारी अंकित बालियान गाड़ी संख्या यूके 080 306 में अपने साथी अनुज बालियान, तरुण राणा के साथ मेरठ जा रहे थे। शाम 3 बजकर 20 मिनट पर वे टोल की लेन तीन में पहुंचे। टीसी के टैक्स मांगने पर अंकित ने 15 रुपये दे दिए। टीसी ने पूरा 75 रुपये टैक्स मांगा। इसी पर विवाद हो गया।

टोल कर्मियों का आरोप है कि अंकित ने गाली गलौच कर बूम तोड़ दिया और गाड़ी दौड़ा दी। गाड़ी रोकने के लिए आए टोल कर्मी परवेंद्र, देवेंद्र, कृष्णवीर के ऊपर कार चढ़ा दी, जिससे वह घायल हो गए। टोल मेंटेनेंस मैनेजर बृजेश सिंह, टोल मैनेजर रघुराज सिंह, सुरक्षा अधिकारी मनिंदर विहान, विजय कंसल मौके पर पहुंचे।
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लेकिन कार्यकर्ताओं ने उनकी एक न सुनी। अंकित ने मुजफ्फरनगर के भाकियू जिलाध्यक्ष राजू अहलावत को मामले की जानकारी दी। आधा घंटे बाद राजू अहलावत दो दर्जन कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और टोल फ्री करा दिया। दौराला पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। भाकियू कार्यकर्ताओं की पुलिस से भी नोकझोंक हो गई। काफी देर तक टोल पर हंगामा चला। दौराला एसएसआई उपेंद्र मलिक, राजू अहलाव व टोल अधिकारियों के बीच वार्ता हुई, जिसके बाद दोनों पक्ष शांत हुए।

पहले चला था 40 दिन तक धरना 
टोल प्लाजा पर आए दिन टैक्स को लेकर होने वाला विवाद बढ़ता ही जा रहा है। करीब तीन साल पहले भी टोल प्लाजा पर भाकियू कार्यकर्ता से टोल ले लिया था। जिसके चलते करीब 40 दिन तक टोल पर धरना रहा था। शनिवार को फिर से वही स्थिती बन गई थी।

सीओ के हमराह से अभद्रता 
विवाद के बाद अंकित ने लेन में ही गाड़ी खड़ी कर दी थी। जिसके चलते उस लेन से आने वाले वाहनों का आवागमन बंद हो गया। इस बीच मोदीपुरम से दौराला सीओ दौराला की गाड़ी जा रही थी। उसमें हमराह बैठे हुए थे, सीओ नहीं थे। हमराह से भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने अभद्रता कर दी। पुलिस ने सख्ती की तो कार हटाई गई।

दोनों पक्षों ने लगाए आरोप 
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। अंकित बालियान का कहना है कि उसने टैक्स के लिए 105 रुपये दिए थे। जिसके बाद भी टोल कर्मियों ने उसके साथ अभद्रता की। टोल कर्मियों का आरोप है कि गाड़ी का नंबर उत्तराखंड का था और 15 रुपये टैक्स दिया गया। भाकियू की धमकी दी और गाली गलौच कर मारपीट की। 
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